उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) ने शैक्षिक अर्हता का विवाद दूर करते हुए एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती के तहत कला विषय में चयनित 90 अभ्यर्थियों की फाइलें नियुक्ति की संस्तुति के साथ माध्यमिक शिक्षा निदेशालय को भेज दीं हैं। इस मुद्दे पर अभ्यर्थी काफी समय से संघर्ष कर रहे थे। आयोग ने निदेशालय को उनकी फाइलें भेजकर बड़ी राहत प्रदान की है।
आयोग ने बाकी अभ्यर्थियों की फाइलें रोक लीं थीं। अक्तूबर 2020 में आयोग ने ऐसे 228 अभ्यर्थियों का चयन निरस्त करते हुए उनके घरों में नोटिस भेज दिया था, जिन्होंने बीए एवं प्राविधिक कला से इंटरमीडिएट किया था और अर्हता पूरी नहीं कर रहे थे। केवल बीएफए की डिग्री वालों के बारे में आयोग ने एनसीटीई से दिशा-निर्देश मांगे थे। एनसीटीई ने जवाब दिया कि बीएफए का चार वर्ष का प्रशिक्षण कोर्स होता है और यह बीएड की डिग्री के समतुल्य है। केंद्रीय विद्यालयों, नवोदय विद्यालयों, दिल्ली के विद्यालयों और उत्तरांखड के विद्यालयों में केवल बीएफए की डिग्री वालों को कला विषय में सहायक अध्यापक के लिए अर्ह माना जाता है। इसी आधार पर 90 अभ्यर्थियों को अर्ह मानते हुए आयोग ने उनकी फाइलें शिक्षा निदेशालय को भेज दीं। प्रतियोगी छात्र मोर्चा के अध्यक्ष विक्की खान का कहना है कि यह मोर्चा की बड़ी जीत है। इसके लिए लंबे समय तक संघर्ष किया गया।
प्रयागराज। राजकीय माध्यमिक विद्यालयों के लिए एलटी ग्रेड सामाजिक विज्ञान एवं हिंदी के चयनित शिक्षकों का दस महीने का इंतजार खत्म हुआ। माध्यमिक शिक्षा निदेशालय की ओर से जारी सूचना में कहा गया है कि चयनित एलटी ग्रेड शिक्षक 20 एवं 21 जुलाई को वेबसाइट पर आवेदन के लिए जारी दिशा निर्देश को समझने के साथ विद्यालयों में खाली रिक्तियों के बारे में अध्ययन करेंगे। खाली पदों के विवरण से पूरी तरह से संतुष्ट होने के बाद चयनित शिक्षक 22 से 28 जुलाई के बीच वरीयता क्रम में मनपसंद विद्यालयों का विकल्प भरेंगे।
विद्यालय के लिए आवेदन पूरा कर लेने के बाद शिक्षा निदेशालय माध्यमिक की ओर से अभ्यर्थियों की ओर से भरे विकल्प के अनुसार उपलब्ध विद्यालयों का आवंटन किया जाएगा। प्रतियोगी मोर्चा के विक्की खान एवं अनिल उपाध्याय ने शिक्षा निदेशक माध्यमिक का इसके लिए आभार जताया है। ब्यूरो