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UPPSC : एई भर्ती मुख्य परीक्षा के लिए 205 अभ्यर्थियों की दावेदारी निरस्त, 15 सितंबर तक अपील करने का मौका

Wed, 10 Sep 2025 12:41 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

सम्मिलित राज्य अभियंत्रण सेवा परीक्षा-2024 के तहत विभिन्न विभागों में सहायक अभियंता (एई) के 609 पदों पर भर्ती होनी है। आयोग ने 26 मई को प्रारंभिक परीक्षा का परिणाम घोषित किया था। इसमें 7358 अभ्यर्थियों को मुख्य परीक्षा के लिए सफल घोषित किया था।
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यूपीपीएससी। UPPSC - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (यूपीपीएससी) ने सम्मिलित राज्य अभियंत्रण सेवा (सामान्य/विशेष चयन) मुख्य परीक्षा-2024 के आवेदन पत्रों की स्क्रूटनी के बाद विज्ञापन की शर्तें पूरी नहीं करने पर 205 अभ्यर्थियों का दावेदारी निरस्त कर दी है। हालांकि, आयोग ने अभ्यर्थन निरस्तीकरण के विरुद्ध अभ्यर्थियों को 15 सितंबर तक अपील करने का मौका दिया है।

सम्मिलित राज्य अभियंत्रण सेवा परीक्षा-2024 के तहत विभिन्न विभागों में सहायक अभियंता (एई) के 609 पदों पर भर्ती होनी है। आयोग ने 26 मई को प्रारंभिक परीक्षा का परिणाम घोषित किया था। इसमें 7358 अभ्यर्थियों को मुख्य परीक्षा के लिए सफल घोषित किया था। मुख्य परीक्षा के लिए आवेदन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद स्क्रूटनी में आयोग ने 205 अभ्यर्थन निरस्त कर दिए हैं। मुख्य परीक्षा 28 सितंबर को होनी है।

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सर्वाधिक 177 अभ्यर्थन इसलिए निरस्त कर दिए गए हैं क्योंकि मुख्य परीक्षा के आवेदन पत्र निर्धारित अंतिम तिथि चार सितंबर तक आयोग के कार्यालय में प्रस्तुत नहीं किए। वहीं, 11 अभ्यर्थियों ने मुख्य परीक्षा के आवेदन पत्र की हार्डकॉपी संलग्न किए बिना केवल शैक्षिक अभिलेख प्रस्तुत किए जबकि अभ्यर्थियों ने मुख्य परीक्षा के ऑनलाइन आवेदन में प्रारंभिक परीक्षा में सफल होने का दावा किया था। चार अभ्यर्थियों ने ऑनलाइन आवेदन में मूल श्रेणी के साथ डीएफएफ दावा किया लेकिन उसका प्रमाणपत्र प्रस्तुत नहीं किया।

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कुछ अभ्यर्थियों की दावेदारी इसलिए निरस्त कर दी गई क्योंकि उन्होंने विज्ञापन की शर्तों के विपरीत आवेदन की अंतिम के बाद स्नातक की डिग्री हासिल की। मुख्य परीक्षा के आवेदन पत्र और हाईस्कूल के प्रमाणपत्र में अंकित जन्मतिथि में अंतर होने पर पांच अभ्यर्थियों की दावेदारी निरस्त कर दी गई। एक अभ्यर्थी ने तो आवेदन पत्र में पिता का मूल निवास स्थान ‘निल’ दिखा दिया और उत्तर प्रदेश के मूल निवासी में ‘नहीं’ अंकित किया।

इस अभ्यर्थी के पत्र व्यवहार एवं स्थायी पते में दिल्ली दर्शाया गया है। अभ्यर्थी प्रारंभिक परीक्षा में दिव्यांग श्रेणी में सफल है जबकि आरक्षण का लाभ केवल उत्तर प्रदेश के मूल निवासी को ही अनुमन्य है। आयोग के उप सचिव वीरेंद्र मणि त्रिपाठी के अनुसार अभ्यर्थन निरस्तीकरण के विरुद्ध अभ्यर्थी 15 सितंबर शाम पांच बजे तक या इससे पहले आयोग को पंजीकृत डाक या व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर आयोग के गेट नंबर तीन पर स्थित डाक अनुभाग के काउंटर पर अपना प्रत्यावेदन उपलब्ध करा सकते हैं।

आवेदन भेजा न अभिलेख, लिफाफे में रख दी सिर्फ पता पर्ची

आयोग ने एक अभ्यर्थी की दावेदारी इसलिए निरस्त कर दी क्योंकि उसने आयोग को मुख्य परीक्षा का आवेदन पत्र व शैक्षिक अभिलेख न भेजकर लिफाफे में केवल पता पर्ची प्रेषित कर दी।

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