आयोग की मनमानी पर युवा मंच ने जताई नाराजगी।
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युवा मंच के प्रदेश अध्यक्ष अनिल सिंह ने उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग (यूपीईएसएससी) के जिम्मेदार अधिकारियों पर मनमानी करने का आरोप लगाया है। कहा कि अधिकारी अपने मूड के हिसाब से आयोग को चला रहे हैं। इसकी शिकायत सोशल मीडिया साइट एक्स पर मुख्यमंत्री से की गई है।
सीएम को किए गए पोस्ट में कहा गया है कि आयोग के अध्यक्ष, सचिव और सदस्यों की नियुक्ति होने के बाद भी छात्रों की समस्याओं का समाधान नहीं हो पा रहा है। आयोग के गठन के बाद से जो उम्मीद बेरोजगारों में जगी थी अब वह खत्म होती जा रही है। असिस्टेंट प्रोफेसर के 1017 पदों पर भर्ती की परीक्षा तिथि घोषित होने के बाद वर्षों से तैयारी करने वाले प्रतियोगियों में खुशी की लहर दौड़ गई।
इसी बीच न्यायालय द्वारा आदेश दिया गया कि बीएड के अभ्यर्थियों की परीक्षा आयोग द्वारा बाद में आयोजित कराई जाएगी। बेरोजगारी की मार झेल रहे युवाओं ने अपनी पीड़ा आयोग से कहने व आयोग द्वारा निर्धारित परीक्षा तिथियों पर ही परीक्षा कराने की उम्मीद लगाए आयोग की दहलीज पर शुक्रवार को सुबह लगभग 10:30 बजे पहुंचे तो पता चला कि मीटिंग चल रही है। छात्रों ने 3-4 घंटे इंतजार किया उसके बाद पता चला कि आयोग के अधिकारी का मूड़ ही नहीं है। तब प्रतियोगी छात्रों को लगा कि यह तो ग़लत है नहीं मिलना था तो सुबह ही बता देते कि मूड़ होगा तो मिलेंगे और नहीं होगा तो नहीं मिलेंगे।
मिलने वालों में डॉ. रोहित कुमार, डॉ. प्रदीप कुमार, डॉ. संजय कुमार बीएचयू , डॉ. धनंजय पांडेय सहित दर्जन भर अभ्यर्थी थे जो निराशा होकर वापस चले गए। युवा मंच के प्रदेश अध्यक्ष अनिल सिंह तक जैसे ही सूचना मिली तो उन्होंने आयोग के सचिव महोदय को फोन किया लेकिन फोन नहीं उठा और न ही आयोग के अधिकारी उन बच्चों से मिले।अनिल सिंह ने आयोग के इस कृत्य की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि आयोग का यह रवैया बहुत ही शर्मनाक है।
आयोग को इस तरहा का व्यवहार नहीं करना चाहिए, क्योंकि उत्तर प्रदेश के कोने-कोने से प्रतियोगी छात्र शिक्षा सेवा चयन आयोग पर इस उम्मीद से आते हैं कि हमारी फरियाद सुनी जाएगी, लेकिन बड़ा दुर्भाग्यपूर्ण है कि साहेब ने कहा कि हमारा मूड नहीं है और मिलने से इनकार कर दिया। युवा मंच के प्रदेश अध्यक्ष अनिल सिंह ने मुख्यमंत्री को एक्स पर पोस्ट कर पूरे प्रकरण को संज्ञान में लाने व त्वरित कार्यवाही करने की मांग की है।