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UPESSC : शिक्षा सेवा चयन आयोग के नए अध्यक्ष के सामने समय से भर्तियों की होगी चुनौती

Thu, 18 Dec 2025 01:54 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग के नए अध्यक्ष पूर्व डीजीपी प्रशांत कुमार के सामने प्रतियोगियों के भरोसे एवं उम्मीदों को पूरा करने की बड़ी चुनौती होगी। दो साल पहले गठित आयोग अभी तक कोई भी भर्ती नहीं कर सका है।
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यूपी के पूर्व डीजीपी प्रशांत कुमार। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग के नए अध्यक्ष पूर्व डीजीपी प्रशांत कुमार के सामने प्रतियोगियों के भरोसे एवं उम्मीदों को पूरा करने की बड़ी चुनौती होगी। दो साल पहले गठित आयोग अभी तक कोई भी भर्ती नहीं कर सका है। नई भर्ती तो दूर पहले से विज्ञापित पदों की लिखित परीक्षा एवं इंटरव्यू भी स्थगित करने पड़े हैं। उच्चतर शिक्षा सेवा आयोग एवं माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड को भंग करके दो साल पहले शिक्षा सेवा चयन आयोग का गठन किया गया था। इस आयोग के पास प्राथमिक से लेकर उच्च शिक्षण संस्थानों में शिक्षकों की भर्ती की जिम्मेदारी है।

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उच्च शिक्षा सेवा आयोग की ओर से विज्ञापन संख्या 51 के अंतर्गत असिस्टेंट प्रोफेसर के 1302 पदों के लिए आवेदन लिए गए थे। इसके अलावा माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड की ओर से जून 2022 में पोस्ट ग्रेजुएट टीचर (पीजीटी) के 624 एवं प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक (टीजीटी) के 3539 पदों के लिए आवेदन मांगे गए थे। पीजीटी के लिए 4,64,605 और टीजीटी के लिए 8,68,531 अभ्यर्थियों ने आवेदन किया। अब इन भर्तियों की जिम्मेदारी शिक्षा सेवा चयन आयोग के पास है। आयोग ने असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती परीक्षा कराने के साथ परिणाम घोषित कर दिया है लेकिन इसके बाद की प्रक्रिया ठप है। प्रोे. कीर्ति पांडेय के अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने के बाद 25 सितंबर से प्रस्तावित साक्षात्कार स्थगित कर दिया गया।

काफी दिनों से आंदोलन कर रहे हैं छात्र

प्रतियोगियों की ओर से इस परीक्षा में गड़बड़ी का आरोप भी लगाया गया है। उन्होंने ज्ञापन सौंपकर दोबारा परीक्षा कराने की मांग की है। प्रतियोगियों की आपत्तियों के बाद आयोग को नए सिरे से प्रतिवेदन मांगना पड़ा जिसका परीक्षण अभी होना है। इसके अलावा आयोग की ओर से पीजीटी एवं टीजीटी की भर्ती परीक्षाओं की चार बार तारीखें घोषित की गईं लेकिन हर बार परीक्षाएं टालनी पड़ीं। इस तरह से पीजीटी एवं टीजीटी की भर्ती प्रक्रिया अभी आवेदन तक ही सीमित है। आयोग की ओर से जनवरी में शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) कराने की भी घोषणा की गई लेकिन अभी तक इसका विज्ञापन ही जारी नहीं हुआ है यानि आवेदन की प्रक्रिया शुरू ही नहीं हो पाई है।

ऐसे में टीईटी का भी टलना निश्चित माना जा रहा है। इससे प्रतियोगियों में नाराजगी है और वे लगातार आंदोलनरत हैं। इसके अलावा उच्च शिक्षा एवं माध्यमिक शिक्षा निदेशालय में 24 हजार से अधिक पदों के लिए अधियाचन भी तैयार है। इस तरह से आयोग के नए अध्यक्ष प्रशांत कुमार के सामने पुरानी भर्तियों को जल्द से जल्द पूरा करने के साथ नई की प्रक्रिया शुरू करने की चुनौती होगी। साथ ही उनके सामने प्रतियोगियों के भरोसे को जीतने की भी चुनौती होगी।
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24,000 से अधिक पदों के लिए जल्द विज्ञापन की उम्मीद

उच्च शिक्षा निदेशालय की ओर से असिस्टेंट प्रोफेसर के 1250 पदों का अधियाचन तैयार किया गया है। रिक्त पदों का विवरण मांगा गया है। ऐसे में पदों की संख्या बढ़ सकती है। माध्यमिक शिक्षा निदेशालय की ओर से भी पीजीटी, टीजीटी, प्रधानाचार्य के 23 हजार से अधिक पदों का अधियाचन तैयार किया जा चुका है। इसके अलावा आयोग का अधियाचन पोर्टल भी तैयार हो चुका है और इसका परीक्षण अंतिम चरण में हैं। ऐसे में नए अध्यक्ष की नियुक्ति के बाद इन पदों के लिए जल्द ही भर्ती प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद है। प्राथमिक विद्यालयों में भी लंबे समय से भर्ती नहीं हुई है। ऐसे में प्रतियोगियों को उम्मीद है कि शिक्षा पात्रता परीक्षा कराने के साथ आयोग में प्राथमिक शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया भी जल्द होगी।

इन तारीखों पर प्रस्तावित थी पीजीटी भर्ती परीक्षा

- 11 व 12 अप्रैल 2025
- 20 व 21 जून 2025
- 18 व 19 जून 2025
- 15 व 16 अक्तूबर 2025

इन तारीखों पर प्रस्तावित थी टीजीटी भर्ती परीक्षा

04 व पांच अप्रैल 2025
14 व 15 मई 2025
21 व 22 जुलाई 2025
18 व 19 दिसंबर 2025
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