फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

UPESSC : परीक्षा संबंधी यूपीपीएससी के दिशा-निर्देश अपनाएगा आयोग, डिजिटल लॉकर में रखे जाएंगे प्रश्नपत्र

Thu, 25 Dec 2025 04:59 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग (यूपीईएसएससी) में परीक्षाओं की शुचिता बनाए रखने के लिए सख्त कदम उठाए जाएंगे। इसके लिए उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग और शासन की ओर से जारी परीक्षा संबंधी दिशा-निर्देश अपनाए जाएंगे।
विज्ञापन
राज्यपाल से मुलाकात करते उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग के अध्यक्ष प्रशांत कुमार। - फोटो : अमर उजाला।
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग (यूपीईएसएससी) में परीक्षाओं की शुचिता बनाए रखने के लिए सख्त कदम उठाए जाएंगे। इसके लिए उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग और शासन की ओर से जारी परीक्षा संबंधी दिशा-निर्देश अपनाए जाएंगे। इसके तहत प्रश्नपत्रों को डिजिटल लॉकर में रखा जाएगा। साथ ही परीक्षा केंद्रों के निर्धारण में भी सख्ती की जाएगी। नए अध्यक्ष प्रशांत कुमार की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई बैठक के बाद आयोग की भर्ती परीक्षाओं के लिए मंथन शुरू हो गया है। परीक्षा की शुचिता के लिए नए सिरे से नियमावली भी तैयार की जाएगी।

विज्ञापन


लोक सेवा आयोग की आरओ-एआरओ प्रारंभिक परीक्षा का पेपर लीक होने के बाद शासन की ओर से नई गाइडलाइन तैयार की गई है। इसके तहत प्रश्नपत्र डिजिटल लॉकर में रखे जाएंगे। हर सेंटर पर सेक्टर एवं स्टेटिक मजिस्ट्रेट तैनात होंगे। सेक्टर मजिस्ट्रेट पर ही प्रश्नपत्र एवं उत्तर पुस्तिकाओं को केंद्र तक पहुंचाने और सुरक्षित वापस कोषागार के लॉकर में जमा कराने की जिम्मेदारी होगी।

कोषागार से प्रश्न निकालने, परीक्षा कक्ष में पेपर के लिफाफे को खोलने का मानक भी तय किया गया है। यहां तक कि कितनी देर पहला पेपर खुलेगा यह भी तय किया गया है। दिशा-निर्देश के अनुसार, राजकीय एवं सहायता प्राप्त अशासकीय विद्यालयों को ही केंद्र बनाया जाएगा। इसके अलावा कई अन्य मानक भी तय किए गए हैं।

विज्ञापन

एआई से लैस कंट्रोल रूम से रखी जाएगी निगरानी

प्रयागराज। लोक सेवा आयोग की तरह शिक्षा सेवा चयन आयोग भी परीक्षाओं पर आधुनिकतम सुविधाओं से लैस कंट्रोल रूम से निगरानी रखेगा। इसमें एआई का भी उपयोग किया जाएगा। आयोग में कंट्रोल रूम का निर्माण अंतिम चरणों में हैं। इसकी मदद से परीक्षा के दौरान केंद्र में होने वाली हर तरह की हलचल और अभ्यर्थी की हर गतिविधि पर नजर रखी जाएगी। इसके तहत अभ्यर्थी अपनी जगह से उठता या है बार-बार सिर इधर-उधर घुमाएगा तो आयोग के पास अलर्ट आ जाएगा। 

नकल माफिया की कमर भी तोड़ी जाएगी : मुख्यमंत्री

विधानसभा में मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि नकल माफिया की भी कमर तोड़ी जाएगी। भर्ती की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए हम लोगों ने हर प्रकार के तंत्र को विकसित किया है। इसीलिए शिक्षा आयोग में भी रिटायर डीजीपी को बैठाया है। उधर, शिक्षा सेवा चयन आयोग का अध्यक्ष बनाने के बाद प्रशांत कुमार ने राज्यपाल आनंदी बेन पटेल से शिष्टाचार भेंट की। 
विज्ञापन

टीजीटी के 24515 और पीजीटी के 6261 पद रिक्त

प्रदेश के सहायता प्राप्त अशासकीय माध्यमिक विद्यालयों में प्रवक्ता (पीजीटी) एवं प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक (टीजीटी) के 30,776 पद खाली हैं। विधानसभा में उठाए गए एक प्रश्न के जवाब में राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार गुलाब देवी ने यह जानकारी दी। शिक्षा सेवा चयन आयोग में अध्यक्ष पद पर पूर्व डीजीपी प्रशांत कुमार की नियुक्ति के बाद इन पदों पर जल्द नियुक्ति की भी उम्मीद है।

विधायक सचिन यादव ने विधानसभा में पूछा था कि अनुदानित कॉलेजों में टीजीटी एवं पीजीटी शिक्षकों के कितने पद रिक्त हैं। इसी क्रम में मंत्री ने बताया कि टीजीटी के 24515 तथा पीजीटी के 6261 पद खाली हैं। टीजीटी के 2529 और पीजीटी के 624 पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया जारी है।

जल्द ही परीक्षाओं की तारीख घोषित होने की उम्मीद है। इसके अलावा माध्यमिक शिक्षा निदेशालय की ओर से टीजीटी-पीजीटी शिक्षकों के 23 हजार से अधिक पदों का अधियाचन तैयार है, साथ में अन्य रिक्त पदों का विवरण मांगा गया है। आयोग में भी अधियाचन पोर्टल का ट्रायल शुरू है।

वार्ता के लिए आयोग के अध्यक्ष से मांगा समय

प्रतियोगी छात्र प्रतिनिधिमंडल से जुड़े प्रतियोगियों ने अलग-अलग विभागों में शिक्षकों के रिक्त पदों पर भर्ती करने की मांग की है। उन्होंने उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग में बुधवार को उप सचिव संजय सिंह को ज्ञापन भी सौंपा। प्रतियोगियों ने विभिन्न मांगों एवं असिस्टेंट प्राेफेसर भर्ती परीक्षा में अनियमितता का आरोप लगाते हुए अध्यक्ष से मुलाकात के लिए समय भी मांगा। ज्ञापन के माध्यम से मांग उठाई गई कि असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती परीक्षा की संशोधित उत्तर कुंजी जारी की जाए। परीक्षा नियंत्रक देवेंद्र प्रताप सिंह को हटाया जाए। टीजीटी व पीजीटी एवं असिस्टेंट प्रोफेसर का नया विज्ञापन अति शीघ्र जारी किया जाए। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें