उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग की प्राचार्य भर्ती परीक्षा लखनऊ के दो केंद्रों पर नकलविहीन और पारदर्शी माहौल में संपन्न हुई। 813 पंजीकृत अभ्यर्थियों में से 722 ने परीक्षा दी। परीक्षा केंद्रों की गतिविधियों पर एआई कैमरों और नियंत्रण कक्ष से लगातार निगरानी रखी गई।
उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग की ओर से प्राचार्य पद की लिखित परीक्षा हुई। यह परीक्षा अशासकीय सहायता प्राप्त महाविद्यालयों में प्राचार्य पद के लिए थी। परीक्षा बृहस्पतिवार को लखनऊ में आयोजित की गई। जनपद में परीक्षा के लिए दो केंद्र बनाए गए थे। परीक्षा प्रथम पाली में हुई। परीक्षा का समय सुबह 9:30 बजे से 11:30 बजे तक रहा।
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आयोग के अनुसार परीक्षा पारदर्शी और नकलविहीन माहौल में हुई। परीक्षा पूरी तरह सुव्यवस्थित रही। दोनों परीक्षा केंद्रों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी गई। आयोग के अध्यक्ष, सदस्य, सचिव, परीक्षा नियंत्रक और उपसचिव मौजूद रहे। आयोग के अध्यक्ष डॉ. प्रशांत कुमार ने परीक्षा को लेकर जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आयोग में स्थापित एआई एकीकृत नियंत्रण कमान कक्ष से निगरानी की गई।
परीक्षा केंद्रों पर एआई कैमरे भी लगाए गए थे। इनके माध्यम से अभ्यर्थियों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी गई।आयोग ने परीक्षा की शुचिता और पारदर्शिता के लिए आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया। निष्पक्ष परीक्षा के लिए भी तकनीकी निगरानी की व्यवस्था रही। अध्यक्ष ने बताया कि लखनऊ के दोनों केंद्रों पर परीक्षा निर्विघ्न संपन्न हुई। परीक्षा नकलविहीन और शुचितापूर्ण रही। परीक्षा तय समय पर पूरी हुई। इस दौरान किसी तरह की अव्यवस्था नहीं हुई।
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पूरी परीक्षा प्रक्रिया सुव्यवस्थित ढंग से संचालित की गई। तकनीकी निगरानी के साथ प्रशासनिक समन्वय भी रहा। डॉ. प्रशान्त कुमार ने परीक्षा के सफल संचालन के लिए जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन का आभार जताया। उन्होंने कहा कि तकनीकी निगरानी और प्रशासनिक समन्वय से परीक्षा की शुचिता बनाए रखने में महत्वपूर्ण मदद मिली।
आयोग के अनुसार लखनऊ में परीक्षा के लिए कुल 813 अभ्यर्थी पंजीकृत थे। इनमें से 722 अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी। इस तरह कुल पंजीकृत अभ्यर्थियों में 88.81 प्रतिशत ने परीक्षा में हिस्सा लिया। महिला अभ्यर्थियों की उपस्थिति 90.36 प्रतिशत रही। वहीं पुरुष अभ्यर्थियों की उपस्थिति 88.36 प्रतिशत दर्ज की गई। आयोग ने कहा कि चयन प्रक्रिया निर्धारित मानकों के अनुसार कराई जा रही है। प्रक्रिया को पारदर्शी और निष्पक्ष रखने के लिए सभी जरूरी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं।