सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद आरटीई लागू होने से पहले नियुक्त शिक्षकों के लिए टीईटी पास करना अनिवार्य था। प्रदेश में 1.46 लाख से अधिक ऐसे शिक्षक थे जिन्हें यह परीक्षा उत्तीर्ण करनी थी। इनमें से करीब 76 फीसदी से अधिक शिक्षक योग्यता के पैमाने पर खरे उतरे हैं। इनमें 50 और 55 की उम्र के शिक्षक भी शामिल हैं।
शिक्षकों ने दावा किया है कि आजमगढ़ के मनोज सिंह ने प्राथमिक स्तर की टीईटी में 150 में से 149.267 अंक प्राप्त किए हैं। किसी कारण से परीक्षा में शामिल न हो पाने वाले और अनुत्तीर्ण शिक्षकों को विशेष टीईटी का अब इंतजार है।
वहीं, आयोग ने दावा किया है कि उनकी तैयारियां पूरी हैं। शासन से अनुमति मिलते ही विशेष टीईटी परीक्षा आयोजित की जाएगी। वर्ष 2026 में पहली बार शिक्षा सेवा चयन आयोग ने टीईटी परीक्षा कराई। प्राथमिक स्तर की परीक्षा में 713646 अभ्यर्थी शामिल हुए, जिनमें 571435 यानी 80.07 फीसदी उत्तीर्ण हुए।
उच्च प्राथमिक स्तर में 1057021 में से 759513 यानी 71.85 फीसदी अभ्यर्थी पास हुए। उत्तर प्रदेश बीटीसी शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष अनिल यादव ने भी विशेष टीईटी या तमिलनाडु मॉडल लागू करने की मांग की है।