महिला परिचालकों की दिन में ही ड्यूटी लगाई जाती है। ताकि वह शाम तक लौट आएं। नौकरी छोड़ने की वजह से किसी ने वाजिब वजह नहीं बताई है। रोडवेज आगे भी भर्ती के लिए रोजगार मेला लगाता रहेगा। संविदा पर परिचालकों की भर्ती के लिए आवेदन प्रक्रिया चल रही है। - रविंद्र कुमार, क्षेत्रीय प्रबंधक, यूपी रोडवेज प्रयागराज रीजन
संविदा पर नौकरी उतनी आसान नहीं है। रोडवेज प्रशासन ध्यान रखता है कि महिला परिचालकों की ड्यूटी दिन में ही लगे। लेकिन, जाम लगने एवं अन्य वजहाें से महिलाओं को गंतव्य तक पहुंचने में रात हो जाती है। कभी-कभी यात्री भी महिला कर्मियों से बदतमीजी करने लगते हैं। यूनियन नेताओं से तमाम महिलाकर्मियों ने अपना यह दर्द साझा भी किया है। - उमा शंकर मौर्य, क्षेत्रीय मंत्री उ.प्र. रोडवेज कर्मचारी संघ
साधारण बसों के मुकाबले एसी बसों में परिचालक की ड्यूटी कुछ आसान है, लेकिन, इसकी संख्या सीमित है। सभी महिलाओं की एसी बस में ड्यूटी नहीं लग सकती। इसके अलावा सफर के दौरान टॉयलेट आदि की भी समस्या झेलनी पड़ती है। - रेखा देवी, सेवानिवृत्त रोडवेज कर्मी