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फायर बॉल से लैस होंगी यूपी रोडवेज की बसें

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UP Roadways buses will be equipped with fire balls - फोटो : CITY DESK
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फायर बॉल से लैस होंगी यूपी रोडवेज की बसें
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बस परिचालन और यात्री सुरक्षा की दृष्टि से बेल्जियम की एडवांस तकनीकी अपनाएगा यूपी रोडवेज
बेल्जियम की राजधानी ब्रुसेल्स के ट्रांसपोर्ट तकनीकी का अध्ययन कर लौटा रोडवेज का प्रतिनिधिमंडल
प्रयागराज। बस में आग की घटनाओं को रोकने के लिए यूपी रोडवेज अब यूरोपीय देश बेल्जियम की तकनीक अपनाएगा। यूपी रोडवेज बसों को आग से बचाने के लिए आने वाले दिनों में फायर बॉल का इस्तेमाल करेगा। इसके अलावा बस परिचालन और यात्री सुरक्षा को लेकर बेल्जियम में अपनाई जा रही अन्य तकनीक का भी प्रयोग आने वाले दिनों में रोडवेज कर सकता है। इस संबंध में ऑल इंडिया स्टेट ट्रांसपोर्ट अंडर टेकिंग (एआईएसटीयू) का 21 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल बेल्जियम की राजधानी ब्रुसेल्स का दौरा करके वापस लौटा है। इस प्रतिनिधिमंडल में प्रयागराज परिक्षेत्र के क्षेत्रीय प्रबंधक टीकेएस बिसेन भी शामिल रहे।
बेल्जियम का यह आधिकारिक दौरान 20 से 26 अक्तूबर तक का रहा। बुधवार को इस दौरे का अनुभव क्षेत्रीय प्रबंधक ने साझा किया। उन्होंने कहा कि फायर बॉल की टेक्नोलॉजी बसों में भी अपनाने की तैयारी है। इसके लगने के बाद अगर बस में किसी कारण से आग लगती है तो यह बॉल एक निश्चित तापमान के बाद फट जाएगी। इससे निकलने वाली गैस से आग पर कुछ ही सेकंड में काबू पा लिया जाएगा। बेेल्जियम में यह तकनीक काफी पहले से ही लागू है। साथ ही चलती बस में अगर चालक को झपकी आदि आती है तो बेल्जियम में इसका भी इलाज है। वहां बस की स्टेयरिंग में अगर ड्राइवर द्वारा लगातार दस सेकंड तक हरकत नहीं की जाती तो इसकी सीट पर तेज वाइबरेशन शुरू हो जाता है। इससे ड्राइवर तुरंत हरकत में आ जाते हैं। इस तकनीक को देश में कैसे लागू किया जाए। इस पर विचार किया जा रहा है।
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बता दें कि 21 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल में तमिलनाडु, कर्नाटक, हरियाणा, केरल, हिमाचल प्रदेश आदि राज्यों में स्टेट ट्रांसपोर्ट के अफसर शामिल रहे। यूपी के तीन सदस्यीय दल में प्रयागराज के क्षेत्रीय प्रबंधक के साथ प्रदेश में रोडवेज के डिप्टी सीएमई आरएन वर्मा, गाजियाबाद के क्षेत्रीय प्रबंधक एके सिंह शामिल रहे। कहा कि सभी सदस्य इस दौरे अपनी एक रिपोर्ट भी तैयार कर रहे हैं। फायर बॉल सिस्टम बसों में शीघ्र ही लगाया जा सकता है। इसके अलावा वहां की कई अन्य तकनीकी भी यहां अपनाई जा सकती है।
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प्रयागराज एक्सप्रेस में लगी है फायर बॉल
बेल्जियम की फायर बॉल की तकनीक रेलवे पहले ही अपना चुका है। इलाहाबाद जंक्शन से चलने वाली प्रयागराज एक्सप्रेस फायर बॉल से लैस है। दरअसल फायर बॉल अगर आग की लपटों के संपर्क में आती है और पारा 70 डिग्री सेंटीग्रेट पर पहुंच जाता है तो यह पांच से 10 सेकेंड के भीतर फट जाएगी। इसके फटते ही आग पर नियंत्रण भी शुरू हो जाएगा। यह गैस मोनो अमोनियम फास्फेट से बनी है। इसकी ऊपरी सतह वाटर प्लास्टिक का खोल है। यह पूरी तरह स्वचालित अग्निशामक यंत्र है।
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