कटीले तार लगाने पर किसानों पर हो रही कार्रवाई
अधिवक्ता ने कहा कि किसान अपनी फसलों को छुट्टा जानवरों से बचाने के लिए खेतों के चारों ओर कटीले तार लगा रहे हैं तो उसे पशु क्रूरता मानकर कार्रवाई की जा रही है। किसान परेशान हैं।
अधिवक्ता ने यह भी कहा कि छुट्टा जानवरों की वजह से हाईवे पर, सड़कों पर दुर्घटनाएं भी हो रही हैं। इन सबके बावजूद भी उत्तर प्रदेश सरकार इस मसले पर गंभीर नहीं है। सरकार को ठोस कदम उठाने चाहिए। इस पर सरकारी अधिवक्ता एके गायेल ने जवाब दिया कि बुंदेलखंड में छुट्टा जानवरों की देखभाल के लिए 21 स्थानों पर पशु आश्रय गृह बनाए हैं। उनके चारे के लिए बजट भी आवंटित किया गया है।
इस पर याची के अधिवक्ता की ओर से सवाल खड़े किए गए। कहा गया कि पशु आश्रय गृह कहां-कहां हैं, यह सरकार नहीं बता रही है। वह केवल संख्या बता रही है। कोर्ट ने भी सरकारी अधिवक्ता से आश्रय स्थलों का विवरण जानना चाहा। लेकिन हलफनामे पर आश्रय स्थलों का विवरण नहीं था। इसके बाद कोर्ट ने याची के अधिवक्ता से इस मामले के निदान के लिए राय मांगी।
याची की ओर से कहा गया कि पशु आश्रय स्थल बनाए जाएं और वहां देखभाल के लिए लोगों को लगाया जाए। इससे रोजगार भी पैदा होगा। इस पर कोर्ट ने याची के अधिवक्ता को पायलट प्रोजेक्ट प्रोजेक्ट तैयार करने का निर्देश दिया। कहा कि आप प्रोजेक्ट तैयार कर हमारे समक्ष प्रस्तुत करें, उसके बाद उस पर आगे काम किया जाएगा।