डीएम और सीएमओ की सलाह पर भी बंद कर सकते हैं कोर्ट
इसके साथ ही जरूरत पड़ने पर जिला मजिस्ट्रेट और सीएमओ की राय पर न्यायालय को निश्चित समय के लिए बंद भी कर सकते हैं। हाईकोर्ट ने कहा है कि इस संबंध में सभी जानकारी उसे भेजनी होगा। न्यायालयों को इस संबंध में बार एसोसिएशन को भी जानकारी देनी होगी।
हाईकोर्ट ने इस दौरान मामलों की सुनवाई के लिए दिशा-निर्देश दिए हैं। हाइकोर्ट ने कहा है कि आपराधिक मामलों में कोई प्रतिकूल आदेश पारित नहीं होंगे। इसके साथ ही नए केस, जमानत अर्जी, अग्रिम जमानत अर्जी, वाहनों को रिलीज करने, पुलिस रिपोर्ट तलब करने, गैर जमानती आदेश दिए जाने, बयानों को दर्ज किए जाने, रिमांड और ट्रायल से जुड़े मामलों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से सुनवाई हो सकेगी।
प्रशासनिक कामकाज किए जाएंगे। हाइकोर्ट ने दो जनवरी को भी कोविड -19 के संदर्भ में प्रदेश के जिला एवं अधीनस्थ न्यायालयों और ट्रिब्यूनल को निर्देश जारी किए थे। नौ जनवरी को भी उसी क्रम में आदेश जारी किया है।