इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 20 साल से जेल में बंद कैदी की समय पूर्व रिहाई पर राज्य सरकार को दो माह में निर्णय लेने का निर्देश दिया है। 10 दिसंबर को मामले की सुनवाई होगी। यह आदेश न्यायमूर्ति राजीव मिश्रा व न्यायमूर्ति विजय कुमार की खंडपीठ ने दिया है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 20 साल से जेल में बंद कैदी की समय पूर्व रिहाई पर राज्य सरकार को दो माह में निर्णय लेने का निर्देश दिया है। 10 दिसंबर को मामले की सुनवाई होगी। यह आदेश न्यायमूर्ति राजीव मिश्रा व न्यायमूर्ति विजय कुमार की खंडपीठ ने दिया है।
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मोइनुद्दीन को ट्रायल कोर्ट ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। 20 साल से जेल में बंद मोइनुद्दीन ने समय पूर्व रिहाई के लिए हाईकोर्ट में याचिका दायर की। अधिवक्ता ने दलील दी कि याची को ट्रायल कोर्ट ने फांसी की सजा सुनाई थी। अपील में अदालत ने फांसी की सजा को आजीवन कारावास में बदल दिया। याची ने 20 साल सात दिन की सजा काट ली है। नियमानुसार 14 साल की सजा पूरी होने पर रिहाई की जानी चाहिए। इस पर कोर्ट ने सरकार को नियमानुसार विचार करने का आदेश दिया है। साथ ही दोनों पक्षों से जवाब, प्रति जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।