लखनऊ में जगह-जगह लगाए गए पोस्टर
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प्रदेश सरकार ने सीएए के विरोध में प्रदर्शन के दौरान सार्वजनिक और निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों के पोस्टर सड़क से हटाने के मामले में हाईकोर्ट से और समय मांगा है। हाईकोर्ट ने पोस्टर हटा कर इसकी रिपोर्ट 16 मार्च को महानिबंधक के समक्ष दाखिल करने का निर्देश दिया था। इसके अनुपालन में प्रदेश सरकार की ओर से दाखिल रिपोर्ट में कहा गया है कि हाईकोर्ट के आदेश को सुप्रीमकोर्ट में चुनौती दी गई है, जिस पर वृहद् पीठ में सुनवाई होनी है।
अपर महाधिवक्ता नीरज त्रिपाठी ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट में मामला लंबित होने के आधार पर हाईकोर्ट से और समय देने की मांग की गई है। हाईकोर्ट ने पोस्टर लगाने के मामले में स्वत: संज्ञान लेते हुए कहा था कि ऐसा कोई कानून नहीं है, जिससे किसी आरोपी का सार्वजनिक स्थान पर फोटो लगाया जाए।
कोर्ट ने इसे निजता के अधिकार का हनन मानते हुए 16 मार्च तक पोस्टर हटाकर इसकी रिपोर्ट महानिबंधक के समक्ष दाखिल करने का निर्देश दिया था। राज्य सरकार को रिपोर्ट पर हाईकोर्ट के अगले निर्देश का इंतजार है।