IG DK Panda News : धूमनगंज थाना क्षेत्र के प्रीतमनगर इलाके में रहने वाले पूर्व आईजी डीके पंडा के साथ 4.32 लाख रुपये की साइबर ठगी का मामला सामने आया है। राधा बनकर पूरे देश में चर्चा में आ चुके पूर्व आईजी ने घटना की रिपोर्ट थाने में दर्ज करा दी है। पुलिस मामले की छानबीन में जुट गई है।
राधा बनकर चर्चा में आए पूर्व आईजी डीके पंडा से 4.32 लाख रुपये ठगी का मामला सामने आया है। साइबर ठग ने खुद को बैंक अधिकारी बताकर वारदात को अंजाम दिया। शिकायत के आधार पर धूमनगंज पुलिस केस दर्ज कर जांच पड़ताल में जुटी है। प्रीतमनगर में एचआईजी एडीए कॉलोनी निवासी पूर्व आईपीएस डीके पंडा ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि इंटरनेट से मुंडेरा स्थित इंडियन बैंक शाखा का हेल्पलाइन नंबर खोज रहा था। थोड़ी देर बाद अंजान मोबाइल नंबर से फोन आया।
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फोन करने वाले व्यक्ति ने खुद को बैंक अधिकारी बताते हुए अपना नाम राहुल कुमार बताया। फिर व्हाॅट्सएप पर एक लिंक भेजकर क्लिक करने के लिए कहा। इसके बाद ठग ने झांसे में लेकर लंबी बातचीत कर उलझाए रखा और बिना किसी जानकारी के अलग-अलग खातों से 1.95 लाख, 95 हजार, 98 हजार और 44 हजार रुपये निकाल लिए। थाना प्रभारी अमरनाथ राय ने बताया कि मोबाइल और खाता नंबर के आधार पर मामले की जांच की जा रही है।
अक्तूबर 2024 में भी हुई थी 381 करोड़ की ठगी
मूलरूप से ओडिशा निवासी डीके पंडा 1971 बैच के आईपीएस अफसर रहे हैं। वह काफी समय से प्रयागराज के प्रीतम नगर में रहते हैं। उन्होंने अक्तूबर, 2024 में भी धूमनगंज थाने में 381 करोड़ की ठगी की एफआईआर दर्ज करवाई थी। बताया था कि लंदन की एक कंपनी में ट्रेडिंग करके उन्होंने ये रुपये कमाए थे जिसे साइबर ठगों ने हड़प लिए। इस मामले में भी पुलिस की जांच फिलहाल किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सकी है।
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2005 में दिया था इस्तीफा
पूर्व आईपीसीए पंडा ने 2005 में इस्तीफा दे दिया था। तब उनकी तैनाती लखनऊ में आईजी रूल्स एंड मैनुअल के पद पर थी। 2005 में तब वह सुर्खियों में आए, जब उन्होंने महिला का रूप धरकर खुद को दूसरी राधा घोषित कर दिया था। वह महिलाओं की तरह सोलह शृंगार करने लगे थे। मांग में सिंदूर व माथे पर बिंदी लगाने के साथ ही कानों में बाली, नाक में नथ, पैरों में घुंघरू पहनने लगे थे।