फर्जी डिग्री के आधार पर वकालत करने के आरोप में दर्ज एफआईआर का मामला यूपी के 21 जिलों तक पहुंच गया है। सिविल लाइंस पुलिस अब तक 100 अधिवक्ताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर चुकी है।
फर्जी डिग्री के आधार पर वकालत करने के आरोप में दर्ज एफआईआर का मामला यूपी के 21 जिलों तक पहुंच गया है। सिविल लाइंस पुलिस अब तक 100 अधिवक्ताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर चुकी है।
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मामले की जांच के लिए गठित टीम अधिवक्ताओं की ओर से प्रस्तुत शैक्षिक दस्तावेज का सत्यापन संबंधित विश्वविद्यालयों और संस्थानों से कराने की प्रक्रिया में है। पुलिस की सूची के मुताबिक प्रयागराज के 47, नोएडा के सात, लखनऊ-कानपुर के छह-छह, मथुरा के पांच, प्रतापगढ़-बलिया के चार-चार और गाजियाबाद के तीन अधिवक्ताओं के नाम शामिल हैं। इसके अलावा सहारनपुर, हरदोई, झांसी, फतेहपुर और कौशाम्बी के दो-दो अधिवक्ताओं के खिलाफ एफआईआर हुई है।
गोरखपुर, हाथरस, शाहजहांपुर, लखीमपुर खीरी, भदोही, मिर्जापुर, मुजफ्फरनगर और आगरा के एक-एक अधिवक्ता भी पुलिस की सूची में शामिल हैं। सिविल लाइंस थाना प्रभारी रामाश्रय यादव ने बताया कि विश्वविद्यालयों और संबंधित संस्थानों से सत्यापन रिपोर्ट मिलने के बाद ही स्पष्ट होगा कि कितनी डिग्रियां फर्जी हैं और कितने मामलों में दस्तावेज सही हैं।