UP board releases forwarding policy for individual students
सख्ती: दूसरे राज्य के छात्र जिला मुख्यालय पर ही भर सकेंगे फार्म
0 निदेशक माध्यमिक शिक्षा ने व्यक्तिगत छात्रों के लिए अग्रसारण नीति जारी की
0 अपात्रों का पंजीकरण किया तो जिम्मदार होंगे स्कूल प्रधानाचार्य, डीआईओएस
अमर उजाला ब्यूरो
प्रयागराज। 2020 की यूपी बोर्ड परीक्षा के लिए हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट के लिए व्यक्तिगत छात्रों के लिए अग्रसारण नीति सख्त कर दी गई है। निदेशक माध्यमिक शिक्षा विनय कुमार पांडेय की ओर से जारी दिशा-निर्देश में कहा गया कि अग्रसारण में किसी प्रकार की गड़बड़ी होने पर पूरी जिम्मेदारी प्रधानाचार्य एवं डीआईओएस की होगी। प्रदेश के बाहर के छात्र एवं विदेशी नागरिकों व दूसरे बोर्ड से आए छात्र सिर्फ जिला मुख्यालय के जीआईसी पर ही फार्म भर सकेंगे। अपात्र छात्र-छात्राओं के आवेदनपत्र अग्रसारित करने पर कार्रवाई की जाएगी।
बोर्ड परीक्षा के लिए इस बार भी राजकीय विद्यालयों को ही अग्रसारण केंद्र बनाया जाए। निर्देश में कहा गया कि अग्रसारण केंद्र ऐसे विद्यालय को बनाया जाए, जहां पर्याप्त संख्या में अनुभवी शिक्षक एवं शिक्षणेतर कर्मचारी हों। केंद्र व्यवस्थापक हाईस्कूल के 600 और इंटरमीडिएट के 400 छात्रों का ही फार्म अग्रसारित कर सकते हैं। प्रदेश के बाहर के अभ्यर्थियों एवं विदेशी नागरिकों और दूसरे बोर्ड से आए छात्रों का अग्रसारण मात्र जनपद मुख्यालय पर स्थित राजकीय विद्यालयों पर ही होगा। प्रदेश के बाहर के अभ्यर्थियों को परीक्षा में शामिल होने के लिए प्रदेश में दो वर्ष के निवास का प्रमाणपत्र देना होगा। व्यक्तिगत बालक एवं बालिकाओं के लिए अलग-अलग पंजीकरण केंद्र बनाए जाएंगे। ग्रामीण क्षेत्र में राजकीय विद्यालयों को बालक-बालिका के लिए मिश्रित केंद्र बनाया जा सकता है।