UP board refuses to order investigation of centers
यूपी बोर्ड के केंद्रों की जांच का आदेश देने से इंकार
0 केंद्र निर्धारण में अनियमितता के आरोप में दाखिल की गई थी याचिका
अमर उजाला ब्यूरो
प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने प्रदेश में हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा केंद्र निर्धारण में अनियमितता की उच्च स्तरीय जांच कराने का आदेश देने से इंकार कर दिया है। कोर्ट ने कहा कि बोर्ड की परीक्षाएं 18 फरवरी से होनी हैं। इस स्तर पर मामले में हस्तक्षेप नहीं किया जा सकता है। याचिका विलंब से दाखिल की गई है। कोर्ट ने याची को अगले वर्ष परीक्षा से पूर्व याचिका दाखिल करने की छूट देने हुए कहा कि इस याचिका के खारिज होने से अगले वर्ष याचिका दाखिल करने पर प्रभाव नहीं पड़ेगा।
यशोदा देवी बालिका इंटर कॉलेज देवरिया की याचिका पर न्यायमूर्ति अश्वनी कुमार मिश्र ने सुनवाई की। याचिका का विरोध करते हुए यूपी बोर्ड के वकील ने कहा कि 16 अक्तूबर 2019 के शासनादेश में परीक्षा केंद्र निर्धारित करने की प्रक्रिया तय है। जिला स्तरीय समिति ने केंद्र निर्धारित किया है। 31 नवंबर 19 को परीक्षा केन्द्र की सूची जारी कर दी गई। 18 फरवरी 2020 से परीक्षा होगी। याची ने चुनौती देने में अनावश्यक देरी की है। इसलिए याचिका खारिज की जाए। कोर्ट ने याचिका की पोषणीयता पर बोर्ड की आपत्ति को स्वीकार करते हुए याचिका खारिज कर दी।