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UP Board News : बोर्ड परीक्षा में सॉल्वर सिंडिकेट के असली सूत्रधार कौन, जांच की मांग

Sat, 28 Feb 2026 01:43 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की बोर्ड परीक्षाओं में सॉल्वर सिंडिकेट का भंडाफोड़ हो चुका है। परिषद को शक है कि इस खेल के असली सूत्रधार कोचिंग संचालक, बिचौलिए और गिरोह के सरगना हैं।
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यूपी बोर्ड - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की बोर्ड परीक्षाओं में सॉल्वर सिंडिकेट का भंडाफोड़ हो चुका है। परिषद को शक है कि इस खेल के असली सूत्रधार कोचिंग संचालक, बिचौलिए और गिरोह के सरगना हैं, जो पर्दे के पीछे से पूरा सिंडिकेट चला रहे हैं। मामले को गंभीर मानते हुए परिषद के सचिव भगवती सिंह ने शुक्रवार को प्रदेश के डीजीपी को पत्र भेजकर पूरे नेटवर्क की गहन जांच और असली सरगनाओं के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की है।

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प्रदेश के दस से अधिक जिलों में अब तक 22 किशोर/युवक और सात किशोरियों को पंजीकृत परीक्षार्थियों के स्थान पर परीक्षा देते पकड़ा गया है। प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि कुछ कोचिंग संचालक और सहायक अध्यापक संगठित गिरोह बनाकर आर्थिक प्रलोभन देकर विद्यार्थियों को सॉल्वर के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं। बोर्ड परीक्षा 12 मार्च तक प्रस्तावित है।

वॉयस रिकॉर्डर युक्त सीसीटीवी कैमरों से खुलीं परतें

इस बार परिषद ने परीक्षा केंद्रों पर वॉयस रिकॉर्डर युक्त सीसीटीवी कैमरों के साथ त्रिस्तरीय निगरानी व्यवस्था लागू की है। सचल दलों और एसटीएफ की सक्रियता से अब तक 22 से अधिक प्रकरण सामने आए हैं। एक केंद्र पर परीक्षा परिसर के बाहर उत्तरपुस्तिका लिखे जाने का मामला भी पकड़ा गया है। परिषद ने साफ किया है कि परीक्षा की पारदर्शिता से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।
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गरीब व नाबालिग छात्रों को बनाया मोहरा

जांच में सामने आया है कि पकड़े गए अधिकांश सॉल्वर आर्थिक रूप से कमजोर या अल्पायु हैं। उन्हें मोटी रकम और भविष्य संवारने के झूठे वादों के सहारे इस अवैध कृत्य में धकेला गया। आरोपियों के खिलाफ उप्र सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम-2024 की सुसंगत धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई है। परिषद के सचिव भगवती सिंह ने डीजीपी से मांग की है कि सॉल्वर गैंग के नेटवर्क को जड़ से खत्म करने के लिए सरगनाओं, अनैतिक कोचिंग संचालकों और बिचौलियों को चिह्नित कर कड़ी कार्रवाई की जाए। यदि जांच में परीक्षा केंद्रों के भीतर या बाहर से किसी केंद्र व्यवस्थापक, कक्ष निरीक्षक या अन्य कर्मचारी की संलिप्तता पाई जाती है तो विभाग को तत्काल सूचित कर उनपर भी सख्त कार्रवाई की जाए।

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