उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपी बोर्ड) ने वर्ष 2026 की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षाओं के लिए कई जिलों में परीक्षा केंद्र बीस से लेकर 49 किमी दूर तक भेज दिया है। इसके अलावा अधिक छात्र आवंटित करने, छात्रों की कम संख्या देने, परीक्षा केंद्र न बनाए जाने की तीन हजार से अधिक शिकायतें माध्यमिक शिक्षा परिषद को प्राप्त हुई हैं।
इनका निस्तारण 28 दिसंबर तक करने के बाद 30 दिसंबर को परीक्षा केंद्रों की फाइनल सूची जारी करने की तैयारी में यूपी बोर्ड जुट गया है। यूपी बोर्ड ने वर्ष 2026 की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षाओं के लिए 7448 विद्यालयों को ऑनलाइन परीक्षा केंद्र घोषित किया था। इनमें 910 राजकीय, 3484 एडेड और 3054 वित्त विहीन विद्यालय शामिल थे। छात्रों की कुल संख्या 52,30,297 है।
उधर, जनपदीय समितियों ने ऑनलाइन बनाए गए केंद्रों की संख्या बढ़ा कर 8033 कर दी जिसमें 910 राजकीय स्कूलों की संख्या कम कर 596, एडेड 3484 स्कूलों की संख्या कम कर 3453 कर दी। जबकि, 3054 वित्त विहीन स्कूलों की संख्या बढ़ाकर 3984 कर दी गई। माध्यमिक शिक्षक संघ एकजुट के प्रदेश संरक्षक हरि प्रकाश यादव का कहना है कि प्रयागराज में परीक्षा केंद्र बनाए गए एडेड स्कूलों को बिना किसी कारण के काट कर वित्त विहीन स्कूलों को परीक्षा केंद्र बना दिया गया है। उन्होंने कहा कि छात्र संख्या एडेड स्कूलों में कम कर वित्त विहीन में बढ़ाने का खेल हुआ है।
केस एक : प्रदेश के लगभग हर जिले से लंबी दूरी पर सेंटर भेजे जाने की शिकायतें प्राप्त हुई हैं। हालांकि, इसमें एक जिले में इंटरमीडिएट कॉलेज के छात्रों का सेंटर 49 किमी दूर भेजे जाने की शिकायत आई है। आरोप है कि तीन किमी की दूरी पर परीक्षा केंद्र होने के बावजूद भी इतनी दूर केंद्र बना दिया गया है। यह माध्यमिक शिक्षा परिषद के मानकों के विपरीत है।
केस दो : प्रयागराज जिले में ऑनलाइन केंद्रों के निर्धारण में एडेड स्कूल परीक्षा केंद्र बनाए गए। इसमें 15 से अधिक स्कूल ऐसे हैं जिन्हें बिना किसी कारण के दूसरी सूची में हटाकर वित्त विहीन स्कूलों को परीक्षा केंद्र बना दिया गया। इसकी शिकायत माध्यमिक शिक्षक संघ एकजुट के नेताओं ने की है।
केस तीन : प्रयागराज जिले में ऑनलाइन सेंटर निर्धारण में एडेड स्कूलों में छात्र संख्या को दूसरी सूची में कम कर वित्त विहीन स्कूलों में छात्र संख्या बढ़ा दी गई। चर्चा है कि ऐसा विभागीय अधिकारियों व वित्त विहीन स्कूलों के प्रबंधकों की साठगांठ की वजह से हुआ है। इसकी शिकायत भी प्राप्त हुई है।
केस चार : गाजीपुर, आजमगढ़, बलिया जिलों से परीक्षा केंद्र न बनाए जाने की शिकायतें प्राप्त हुई हैं। कोई अधिक छात्र आवंटित होने की शिकायत कर रहा है तो कोई इस बार विद्यालय को परीक्षा केंद्र न बनाए जाने का मुद्दा उठा रहा है। शिकायत करने वालों में अधिकतर वित्त विहीन स्कूलों के प्रधानाचार्य शामिल हैं।
परीक्षा केंद्र बनाए जाने, लंबी दूरी पर केंद्र भेजे जाने, छात्र संख्या कम करने सहित प्रदेश भर से 3053 शिकायतें प्राप्त हुई हैं। प्रयास है कि 28 दिसंबर तक इनका निस्तारण कर 30 दिसंबर को केंद्रों की अंतिम सूची जारी कर दी जाए। - भगवती सिंह, सचिव, माध्यमिक शिक्षा परिषद