ऐसे में कंपार्टमेंट और प्रस्तावित इम्प्रूवमेंट परीक्षा उनके लिए अधिक व्यावहारिक विकल्प साबित हो सकते हैं। इन कदमों से छात्रों को न केवल मानसिक राहत मिलेगी, बल्कि उन्हें अपने शैक्षणिक भविष्य को दोबारा संवारने का मौका भी मिलेगा। माध्यमिक शिक्षा परिषद के सचिव भगवती सिंह ने स्पष्ट किया कि किसी भी छात्र का भविष्य खराब नहीं होने दिया जाएगा।
उन्होंने बताया कि स्क्रूटनी की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और कंपार्टमेंट परीक्षा की प्रक्रिया भी एक-दो दिन में शुरू कर दी जाएगी। साथ ही, इम्प्रूवमेंट परीक्षा के प्रस्ताव को मंजूरी मिलते ही छात्रों को एक और अवसर प्रदान किया जाएगा।
यूपी बोर्ड परीक्षा 2026 का रिजल्ट
हाईस्कूल - कुल 90.42 प्रतिशत उत्तीर्ण प्रतिशत
(संस्थागत 90.51, व्यक्तिगत 66.67 प्रतिशत शामिल)
- आंशिक विषयों की परीक्षा में विनियम के अंतर्गत 3286 परीक्षार्थी सम्मिलित हुए
इंटरमीडिएट - संपूर्ण परीक्षार्थियों का उत्तीर्ण प्रतिशत 80.39
(संस्थागत 80.47, व्यक्तिगत 77.54 प्रतिशत शामिल)
आंशिक विषयों की परीक्षा में विनियम के अंतर्गत 58134 परीक्षार्थी हुए शामिल