1992 में हाईस्कूल में उत्तीर्ण हुए थे मात्र 14.70 फीसदी विद्यार्थी
उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद के सौ साल से ज्यादा के इतिहास में साल 1992 एक ऐसा अध्याय है, जिसे याद कर आज भी पुराने परीक्षार्थियों के पसीने छूट जाते हैं। पिछले चार दशकों के आंकड़ों का विश्लेषण करें तो तत्कालीन मुख्यमंत्री कल्याण सिंह के कार्यकाल में हुई वह परीक्षा शुचिता और सख्ती का पर्याय बन गई थी। 1986 से लेकर अब तक के रिकॉर्ड बताते हैं कि 1992 में हाईस्कूल का परिणाम महज 14.70 प्रतिशत रहा था, जो कि अब तक का सबसे न्यूनतम स्तर है। आंकड़ों के मुताबिक, उस साल छात्रों की स्थिति बेहद खराब थी। मात्र 8.47 प्रतिशत छात्र ही पास हो पाए थे, जबकि छात्राओं का सफलता प्रतिशत 36.44 रहा था।
हाईस्कूल परीक्षा का परिणाम (2014 से 2026 तक)
वर्ष : प्रतिशत
2014 : 86.71
2015 : 83.74
2016 : 87.66
2017 : 81.18
2018 : 75.16
2019 : 80.07
2020 : 83.31
2021 : 99.53 (परीक्षा नहीं हुई )
2022 : 88.18
2023 : 89.78
2024 : 89.55
2025 : 90.11
2026 : 90.42