आगामी 25 जनवरी 2026 से शुरू होने जा रही इंटरमीडिएट प्रायोगिक परीक्षा में फर्जी परीक्षकों पर रोक लगाने के लिए यूपी बोर्ड ने परीक्षकों को आई कार्ड जारी करने पर विचार कर रहा है। माध्यमिक शिक्षा परिषद कार्यालय में शुक्रवार को बोर्ड के अधिकारियों और शहर के कई प्रधानाचार्यों के साथ सचिव भगवती सिंह ने बैठक की। जिसमें फर्जी परीक्षकों को रोकने के लिए ऐसा कदम उठाये जाने पर मंथन कर निर्णय लिया गया कि परीक्षकों को आई कार्ड जारी किया जाए।
दरअसल, प्रायोगिक परीक्षा में कई परीक्षक अपने स्थान पर दूसरे को भेज देते हैं। पिछले वर्ष इस तरह की कई शिकायतें बोर्ड को प्राप्त हुई थीं। ऐसी आशंका को समाप्त करने के लिए बोर्ड अधिकृत परीक्षकों को आई कार्ड जारी करने का विचार कर रहा है। इन परीक्षकों की फोटो और बायोडाटा स्कूलों को पहले ही भेज दिया जाएगा। इससे स्कूल के प्रधानाचार्य संतुष्ट होने पर ही उन्हें परीक्षा लेने की अनुमति देंगे।
खास बात यह है कि पहले परीक्षक एक ही दिन 200 से 300 छात्रों की प्रायोगिक परीक्षा ले लेते थे, लेकिन इस बार ऐसा नहीं हो पाएगा क्योंकि इस बार परीक्षक अधिकतम 80 परीक्षार्थियों की ही परीक्षा लेकर अंक अपलोड कर सकेंगे। उसके बाद एप लाॅक हो जाएगा। बैठक में अपर सचिव प्रशासन सत्येंद्र सिंह क्षेत्रीय बोर्ड के सचिव, प्रधानाचार्य धर्मेंद्र सिंह, लालचंद्र पाठक, विक्रम सिंह आदि मौजूद रहे।