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यूपी बोर्ड : मानक से अधिक दूरी पर बना दिए परीक्षा केंद्र, विद्यार्थियों की मुसीबत बढ़ी

Thu, 11 Jan 2024 02:46 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

बोर्ड का ही नियम है कि विद्यालय से परीक्षा केंद्र की दूरी बालकों के लिए 12 किलोमीटर से दूर नहीं होनी चाहिए। बालिकाओं के लिए यह दूरी अधिकतम सात किलोमीटर नियत है। परीक्षा केंद्र बनाने से पहले प्रधानाचार्यों को विद्यालय के अंदर से जियो टैगिंग से अपनी लोकेशन भेजने के निर्देश दिए गए थे।
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यूपी बोर्ड। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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यूपी बोर्ड के परीक्षा केंद्रों के निर्धारण में खूब मनमानी हुई है। जियो टैगिंग ठीक से नहीं किए जाने के कारण मानकों से कई किलोमीटर दूर परीक्षा केंद्र बना दिए गए हैं। यूपी बोर्ड ने भी इनकी ठीक से क्रॉस चेकिंग नहीं कराई। इसका खामियाजा विद्यार्थियों को भुगतना पड़ेगा। यही नहीं, एक ही परिसर में दर्जन भर विद्यालयों के सेंटर बनाए गए हैं।

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बोर्ड का ही नियम है कि विद्यालय से परीक्षा केंद्र की दूरी बालकों के लिए 12 किलोमीटर से दूर नहीं होनी चाहिए। बालिकाओं के लिए यह दूरी अधिकतम सात किलोमीटर नियत है। परीक्षा केंद्र बनाने से पहले प्रधानाचार्यों को विद्यालय के अंदर से जियो टैगिंग से अपनी लोकेशन भेजने के निर्देश दिए गए थे। इनमें मनमानी हुई और इसी कारण गड़बड़ियां सामने आ रही हैं।

कंधईपुर स्थित बीआर मेमोरियल स्कूल का परीक्षा केंद्र अटाला चौराहा के पास मजीदिया इस्लामिया इंटर कॉलेज को बनाया गया है। इनकी दूरी 10 किमी. से अधिक है, जबकि बालिकाओं के लिए दूरी सात किमी निर्धारित है। यही नहीं, मजीदिया इस्लामिया इंटर कॉलेज को 29 विद्यालयों का परीक्षा केंद्र बनाया गया है, जबकि इसके आसपास दूसरे विद्यालय मौजूद हैं।
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भोला का पुरवा आरएल मेमोरियल गर्ल्स इंटर कॉलेज का केंद्र भी इसी को बनाया गया है। इनके बीच की दूरी भी 10 किमी. से अधिक है। यमुनापार में सिरसा स्थित श्रीराम प्रताप इंटर कॉलेज में गुलाब पत्ती इंटर कॉलेज उरुवा का सेंटर भेजा गया है। दोनों विद्यालयों की दूरी 13 किमी. से अधिक है।


अभी तक ये मामले संज्ञान में नहीं थे। इनकी जांच कराई जाएगी। प्रधानाचार्यों से विद्यालयों की लोकेशन ऑनलाइन मांगी जाती है, लेकिन अभी भी इसमें गड़बड़ियां मिल रही हैं। इस प्रकार का प्रकरण इन्हीं वजहों से हुआ है। - दिब्यकांत शुक्ल, सचिव यूपी बोर्ड
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