नकल के आरोपी विद्यालयों को परीक्षा केंद्र बनाए जाने के मामले को संज्ञान में लिया गया
प्रयागराज। यूपी बोर्ड की ओर से परीक्षा केंद्रों की संभावित सूची जारी होने के बाद लगातार शिकायतें मिल रही हैं, बोर्ड सचिव की ओर से कहा गया है कि जिला समिति से रिपोर्ट लेकर गड़बड़ी दूर की जाएगी। परीक्षा केंद्र बनने से वंचित रह गए प्रधानाचार्यों एवं प्रबंधकों ने जिला विद्यालय निरीक्षक को पत्र भेजकर मांग की है कि परीक्षा केंद्रों का भौतिक सत्यापन करने के बाद ही अपनी रिपोर्ट यूपी बोर्ड को भेजें, उनका कहना है कि भौतिक सत्यापन के बाद ही गड़बड़ी पकड़ में आएगी। परीक्षा केंद्रों की सूची में नकल के आरोपी विद्यालयों को शामिल किए जाने के बाद उठे सवाल पर सचिव ने जिला विद्यालय निरीक्षकों से केंद्रों के बारे में जानकारी तलब की है।
आरोप लग रहा है कि मानक के विपरीत और 2019 की परीक्षा में नकल के आरोप में पकड़े जाने वाले विद्यालयों को परीक्षा केंद्र बनाया गया है। यूपी बोर्ड 2020 की परीक्षा के लिए केंद्रों के आवंटन से पहले विद्यालयों से उनके यहां उपलब्ध सुविधाओं की ऑनलाइन जानकारी मांगी गई थी। ऑनलाइन जानकारी को क्रास चेक करने के बाद जिला विद्यालय निरीक्षक को भी अपनी रिपोर्ट बोर्ड को भेजनी थी। पता यह भी चला है कि विद्यालयों की ओर से भरे गए रिकार्ड से अलग जिला विद्यालय निरीक्षक ने कई अन्य विद्यालयों की सुविधा बढ़ाकर उनकी रिपोर्ट बोर्ड को भेज दी। प्रदेश के कई जनपदों कई ऐसे परीक्षा केंद्र हैं जहां पर 2019 की परीक्षा के सचल दल ने कई परीक्षा केंद्रों पर जांच के दौरान सामूहिक नकल पकड़ी थी। सचल दल में शामिल अधिकारियों ने जिन विद्यालयों को काली सूची में डालने की सिफारिश की थी, उन्हें परीक्षा केंद्र बना दिया गया। सचिव नीना श्रीवास्तव ने जिला विद्यालय निरीक्षक से नकल के आरोपी विद्यालयों की रिपोर्ट तलब की है।