पहली पाली में पंजीकृत 26,36,826 परीक्षार्थियों में से 1,61,964 छात्र-छात्राएं अनुपस्थित रहे और दूसरी पाली में पंजीकृत 25,12,217 परीक्षार्थियों में से 1,10,860 परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे। पहली पाली में हाईस्कूल की परीक्षा के दौरान फर्रुखाबाद में छह, गाजीपुर में चार, कन्नौज, जौनपुर, फिरोजाबाद व प्रतापगढ़ में एक-एक फर्जी परीक्षार्थियों को दूसरे के स्थान पर परीक्षा देते पकड़ा गया।
यूपी बोर्ड के सचिव सचिव भगवती सिंह ने बताया कि परीक्षा के दौरान किसी भी जिले में कोई अप्रिय स्थिति उत्पन्न नहीं हुई और परीक्षा निष्पक्ष, नकलविहीन व शांतिपूर्ण संपन्न हुई।
नकल पर सख्ती से भी परीक्षा छोड़ने वालों की बढ़ी संख्या
उत्तर प्रदेश प्रधानाचार्य परिषद के संरक्षक बृजेश कुमार शर्मा का कहना है कि नकल पर नियंत्रण के लिए शासन के सख्त रुख के कारण भी परीक्षा छोड़ने वालों की संख्या बढ़ी है। हिंदी की परीक्षा छोड़ने का मतलब है कि परीक्षार्थी ने फर्जी रजिस्ट्रेशन कराया होगा या दो जगह से रजिस्ट्रेशन करा लिया होगा, ताकि मौका मिलने पर नकल की जा सके या अपनी जगह किसी दूसरे को परीक्षा में बैठाया जा सके। लेकिन, जब नकल करने या अपनी जगह किसी दूसरे फर्जी परीक्षार्थी को बैठाने पर पकड़े जाने का खतरा बढ़ जाता है तो परीक्षार्थी आमतौर पर परीक्षा छोड़ देते हैं।