विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत तैयार की जा रही मतदाता सूची में कोई भी अपात्र या फर्जी वोटर शामिल न हो पाए इसके लिए नो मैपिंग श्रेणी में चिह्नित मतदाताओं की ओर से उपलब्ध कराए गए दस्तावेज की संबंधित विभागों से जांच शुरू करा दी गई है।
मार्कशीट का सत्यापन यूपी बोर्ड से कराया जा रहा है व अन्य दस्तावेज की जांच संबंधित विभागों को सौंपी गई है। हालांकि, यूपी बोर्ड की हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की परीक्षाएं 18 फरवरी से शुरू होने जा रही है। ऐसे में परीक्षा की व्यस्तता के कारण सत्यापन की गति थोड़ी धीमी है। नो मैपिंग श्रेणी में दो लाख 87 हजार 612 मतदाताओं को चिह्नित किया गया है जिनके स्वयं के नाम और माता-पिता व दादा-दादी के नाम 2003 की वोटर लिस्ट में नहीं हैं। ऐसे मतदाताओं को अपनी पहचान साबित करने के लिए निर्वाचन आयोग की ओर से निर्धारित पहचान पत्रों में से कोई एक जमा करना है।
इसके लिए मतदाता को सुनवाई में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर पहचान पत्र प्रस्तुत करना है। अगर मतदाता किसी कारणवश सुनवाई में शामिल हो पा रहा है तो परिवार का कोई भी सदस्य उपस्थित होकर पहचान पत्र प्रस्तुत कर सकता है लेकिन इसके लिए वोटर को अपने अधिकृत हस्ताक्षर से सहमति देनी होगी।
सुनवाई के दौरान ज्यादातर मतदाता अपनी हाईस्कूल की मार्कशीट प्रस्तुत कर रहे हैं। मार्कशीट सही है या फर्जी, इसका सत्यापन यूपी बोर्ड के माध्यम से कराया जा रहा है। इसके अलावा जिन वोटरों ने बैंक, डाकघर, एलआईसी से संबंधित कोई पहचान या प्रमाणपत्र लगाया है अथवा पासपोर्ट, स्थायी निवास प्रमाणपत्र, जाति प्रमाणपत्र प्रस्तुत किया है, उनका सत्यापन संबंधित विभागों से कराया जा रहा है।
सुनवाई में शामिल नो मैपिंग श्रेणी के वोटरों की ओर से प्रस्तुत किए जाने वाले दस्तावेज का संबंधित विभागों से सत्यापन कराया जा रहा है। अब तक सभी दस्तावेज सही पाए गए हैं। सुनवाई व सत्यापन की प्रक्रिया निर्धारित समय में पूरी कर ली जाएगी। - पूजा मिश्रा, उपजिला निर्वाचन अधिकारी