18 जिले संवेदनशील श्रेणी में
प्रदेश के 18 जिलों को भी संवेदनशील श्रेणी में रखा गया है, जहां पूर्व वर्षों में सामूहिक नकल और अनियमितताओं के आरोप सामने आए थे। हालांकि, यह भी चर्चा है कि संवेदनशील और अति संवेदनशील परीक्षा केंद्रों के चयन में कुछ जिलों में ऐसे विद्यालयों को भी सूची से बाहर रखा गया है, जहां पूर्व में नकल की शिकायतें रही हैं। इस पर परिषद स्तर पर निगरानी रखी जा रही है।
माध्यमिक शिक्षा परिषद के सचिव भगवती सिंह ने स्पष्ट किया कि यूपी बोर्ड नकलविहीन परीक्षा कराने को लेकर पूरी तरह गंभीर है। उन्होंने कहा कि किसी भी कीमत पर नकल नहीं होने दी जाएगी। पिछले वर्ष नकल कराने के आरोप में दोषी पाए गए शिक्षकों और परीक्षा केंद्रों को डिबार किया जा चुका है और इस वर्ष भी नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।