पहले हर साल सामने आते थे पेपर आउट के मामले
पिछले वर्षों में यूपी बोर्ड परीक्षाओं के दौरान पेपर लीक की घटनाएं आम थीं। वर्ष 2025 में हरदोई में परीक्षा से पहले पेपर हल करने के मामले में 19 लोग गिरफ्तार किए गए थे। आजमगढ़ में एसटीएफ ने कापियां लिखते हुए लोगों को पकड़ा था। 2024 में आगरा में व्हाट्सऐप ग्रुप पर पेपर वायरल हुआ था, जबकि बलिया में वर्ष 2022 में पेपर लीक के बाद 24 जिलों के 275 केंद्रों पर परीक्षा निरस्त करनी पड़ी थी। इससे पहले 2020 में बस्ती और 2018 में महराजगंज में भी पेपर लीक के मामले सामने आए थे। हालांकि वर्ष 2026 में मैनपुरी जिले में खेत में कापियां लिखे जाने का मामला सामने आया, लेकिन मौके से पेपर बरामद नहीं हुआ।
माध्यमिक शिक्षा परिषद के सचिव भगवती सिंह ने बताया कि इस वर्ष कहीं भी पेपर आउट की घटना प्रकाश में नहीं आई। उन्होंने कहा कि प्रश्नपत्रों पर अंकित गोपनीय न्यूमेरिक क्रमांक व्यवस्था परीक्षा की पारदर्शिता सुनिश्चित करने में बेहद प्रभावी साबित हुई।