द्वितीय स्थान पर 97.20 प्रतिशत अंकों के साथ बरेली की नंदनी गुप्ता और बाराबंकी की श्रेया वर्मा रहीं। तृतीय स्थान पर भी संयुक्त रूप से दो छात्राएं रहीं। जिन्होंने 97 प्रतिशत अंक हासिल किए, इनमें बरेली की सुरभि यादव और दूसरी बाराबंकी की पूजा पाल शामिल हैं।
इस वर्ष हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षाएं 12 मार्च को संपन्न हो गई थीं। हाईस्कूल की परीक्षा में करीब 26 लाख और इंटरमीडिएट में लगभग 24.50 लाख परीक्षार्थियों ने हिस्सा लिया। बोर्ड ने मूल्यांकन कार्य 18 मार्च से 4 अप्रैल तक पूरा किया। इसमें ऑनलाइन प्रणाली के माध्यम से नियुक्त 83,800 परीक्षकों समेत करीब 1.53 लाख कार्मिकों की ड्यूटी लगाई गई थी।
इस बार मूल्यांकन प्रक्रिया में तकनीकी सुधार भी किए गए। पायलट प्रोजेक्ट के तहत प्रयागराज, मेरठ, बरेली, वाराणसी और गोरखपुर सहित छह जिलों में पारंपरिक व्यवस्था के साथ-साथ परिषद के पोर्टल पर ऑनलाइन अंक अपलोड करने की व्यवस्था लागू की गई।
मेधावियों को किया जाएगा सम्मानित
यूपी बोर्ड परीक्षा के मेधावी छात्रों को उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से विशेष सम्मान दिया जाता है। प्रदेश स्तर पर टॉप करने वाले विद्यार्थियों को एक लाख रुपये की नकद राशि, लैपटॉप और प्रमाण-पत्र प्रदान किया जाता है। वहीं, जिला स्तर पर प्रथम स्थान हासिल करने वाले छात्रों को 21,000 रुपये की पुरस्कार राशि के साथ सम्मान-पत्र दिया जाता है।