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हत्याओं के विरोध में वकील रहे हड़ताल पर

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UP bar council call to strike against colleges murder - फोटो : CITY DESK
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हाईकोर्ट, जिला अदालत सहित अधिकरणों में नहीं किया न्यायिक कार्य
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वकीलों को सुरक्षा देने, एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट लागू करने की मांग की
प्रयागराज। प्रदेश में आए दिन हो रही अधिवक्ताओं की हत्या के विरोध में बृहस्पतिवार को अधिवक्ता हड़ताल पर रहे। बार कौंसिल ऑफ उत्तर प्रदेश के आह्वान पर हाईकोर्ट बार एसोसिएशन, जिला अधिवक्ता संघ, कैट बार एसोसिएशन और टैक्स बार एसोसिएशन सहित तमाम अधिवक्ता संगठनों ने न्यायिक कार्य का बहिष्कार किया। इसके चलते अदालतों में मुकदमों की सुनवाई प्रभावित हुई। तमाम मुकदमों में तारीख लग गई।
हाईकोर्ट के वकीलों ने सुबह दस बजे बार के अध्यक्ष राकेश पांडेय के नेतृत्व में न्यायालय परिसर में प्रवेश द्वारों पर निगरानी शुरू कर दी और किसी भी वकील को भीतर नहीं जाने दिया। वकीलों ने न्यायिक कार्य से विरत रहने के प्रस्ताव का पालन करने का अनुरोध किया। अदालतें रोज की तरह सुबह दस बजे बैठीं, मगर वकीलों की अनुपस्थिति के कारण जज वापस चैंबर में लौट गए। अधिवक्ताओं ने गेट संख्या तीन पर खड़े होकर कुछ देर तक नारेबाजी भी की।
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हाईकोर्ट बार की कार्यकारिणी की बैठक में अधिवक्ता सुरक्षा अधिनियम लागू करने की मांग की गई। बैठक की अध्यक्षता राकेश पांडेय ने की। इसमें वरिष्ठ उपाध्यक्ष अखिलेश मिश्र सहित सभी उपाध्यक्ष, संयुक्त सचिव प्रियदर्शी त्रिपाठी, आशुतोष पांडेय, सर्वेश दुबे, सुरेंद्र नाथ मिश्र के अलावा गेट पर प्रदर्शन करने वालों में विनय प्रताप यादव, सीएल पांडेय, राजेश पांडेय, बृजेंद्र के अलावा एडवोकेट्स एसोसिएशन के सभी पदाधिकारीगण शामिल थे। जिला टैक्स बार एसोसिएशन और केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण के अधिवक्ता भी न्यायिक कार्य से विरत रहे। युवा अधिवक्ता संघ के सुनील यादव ने बार कौंसिल के आह्वान का समर्थन करते हुए एडवोकेट प्रोटेक्टशन एक्ट लागू करने की मांग की है।
अधिवक्ता संघ ने भी नहीं किया न्यायिक कार्य
प्रयागराज। जिला अधिवक्ता संघ ने भी बार कौंसिल की हड़ताल के समर्थन में न्यायिक कार्य नहीं किया। अधिवक्ता संघ की एक सभा मंत्री राकेश कुमार दुबे की अध्यक्षता में हुई, जिसमें अधिवक्ताओं की सुरक्षा, उनको आर्थिक मदद देने आदि की मांग की गई। बैठक में कहा गया कि आए दिन प्रदेश में वकीलों की हत्याएं हो रही हैं। सरकार सुरक्षा दे पाने में विफल है। एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट लागू करने की भी मांग गई। वकीलों ने संकल्प लिया कि भविष्य में यदि कौंसिल द्वारा किसी बड़े आंदोलन का आह्वान किया जाएगा तो अधिवक्ता संघ पूरा सहयोग देगा। वकीलों के न्यायिक कार्य न करने के कारण दूर दराज के गांवोें से आए वादकारियों को अपने मुकदमों में डेट लेकर लौट जाना पड़ा।
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अधिवक्ता पर हमले की निंदा
प्रयागराज। हाईकोर्ट बार के पूर्व संयुक्त सचिव आशीष कुमार मिश्र और उनके परिवार पर हुए जानलेवा हमले की वकीलों ने कड़ी निंदा की है। हाईकोर्ट के अधिवक्ताओं की इसे लेकर बैठक हुई, जिसमें घटना पर आक्रोश जताया गया है। पुलिस द्वारा अब तक प्राथमिकी दर्ज न करने की निंदा की गई है।
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