उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग को परिषदीय, माध्यमिक व उच्च शिक्षा में शिक्षकों की भर्ती के लिए रिक्त पदों का अधियाचन जल्द ही मिल सकता है। सभी भर्तियों के लिए एक प्रारूप बनाने पर सहमति बन गई है।20 अगस्त को विशेष सचिव, कार्मिक एवं नियुक्ति विभाग कुलदीप कुमार रस्तोगी की अध्यक्षता में निदेशक आईटी राज्य सूचना विज्ञान नवनीत प्रधान, शिक्षा सेवा चयन आयोग के ई-अधियाचन नोडल अधिकारी डॉ. शिव जी मालवीय सहित सभी संबंधित विभागों के ई-अधियाचन नोडल अधिकारियों की बैठक हुई जिसमें अधियाचन को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग के उप सचिव डॉ. शिवजी मालवीय के अनुसार बैठक में यह सहमति बनी कि अधियाचन से संबंधित कॉमन श्रेणियों के लिए एकसमान प्रारूप तैयार कर लिया जाए और जहां अलग-अलग सूचनाएं दर्ज करनी हैं, उनके लिए अलग से ड्रॉप बॉक्स बना दिया जाए। जैसे नाम, पदनाम, संस्थान आदि की श्रेणी के लिए एकसमान प्रारूप तैयार किया जा सकता है।
बेसिक, माध्यमिक व उच्च शिक्षा में भर्ती की अर्हताएं अलग-अलग हैं। इनके लिए कॉमन प्रारूप में ही अलग से सूचनाएं दर्ज करने की व्यवस्था की जा सकती है। अलग-अलग प्रारूप बनाने में काफी समय लग जाएगा जबकि कॉमन प्रारूप जल्द ही तैयार कर लिया जाएगा। उम्मीद है कि 15 दिनों में प्रारूप तैयार होते ही शिक्षा सेवा चयन आयोग को नई भर्तियां शुरू करने के लिए रिक्त पदों का अधियाचन मिल जाएगा।
इस बीच माध्यमिक शिक्षा निदेशालय और उच्च शिक्षा निदेशालय की ओर से रिक्त पदों का विवरण जुटाने का काम आखिरी दौर में है। वहीं शिक्षा सेवा चयन आयोग ने तीन साल से लंबित टीजीटी-पीजीटी भर्ती परीक्षा कराने की तैयारियां भी शुरू कर दी हैं। प्रवक्ता संवर्ग की लिखित परीक्षा 15 व 16 अक्तूबर 2025 और प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक (टीजीटी) की लिखित परीक्षा 18 व 19 दिसंबर 2025 को प्रस्तावित है।