कहा गया कि प्रसाद वितरण और पवित्र जल के छिड़काव से बचा जाए। ऐसी स्थितियों से बचा जाए जिससे लोगों का आपस में स्पर्श हो। साथ ही मैट और चटाई बिछाने के प्रयोग से भी बचा जाए। धर्म गुरुओं से अनुरोध किया गया कि धर्मालयों में ‘एनांउंसमेंट’ के लिए पब्लिक एड्रेस सिस्टम के साथ सैनिटाइजर, हाथ धोने की व्यवस्था कराई जाए।
बैनर, पोस्टर, स्टैंडी और फ्लेक्स आदि लगाकर श्रद्धालुओं को कोविड से बचाव की जानकारी दी जाए। सभी को आरोग्य सेतु तथा आयुष कवच कोविड एप डाउनलोड करने के लिए जागरूक किया जाए। एसएसपी ने कहा कि भीड़ किसी भी दशा में जुटे। इसके प्रबंध किए जाएं, यदि जरूरत पड़े तो तुरंत पुलिस की सहायता ली जा सकती है।
बड़े हनुमान मंदिर के अलावा वेणी माधव, अलोप शंकरी,रामजानकी मंदिर केअलावा गंगा आरती स्थल को सैनिटाइज कराया गया। ललिता देवी, कल्याणी देवी को भी सैनिटाइज कराया गया। अलौकिक शनिधाम परिसर को पीठाधीश्वर प्रवीण महाराज ने सैनिटाइज कराया। सिविल लाइंस स्थित हनुमत निकेतन के प्रबंधक सच्चिदानंद मिश्र के मुताबिक मंदिर परिसर में थर्मल स्क्रीनिंग और सैनिटाइजर की व्यवस्था की गई है।
दरियाबाद स्थित तक्षक तीर्थ के पीठाधीश्वर रविशंकर ने बताया कि मंदिर को सैनिटाइज करा दिया गया है। करेली में कांग्रेस के नगर महासचिव हसीब अहमद और अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के अध्यक्ष अरशद अली ने मस्जिदों को सैनिटाइज कराया, ताकि नियमानुसार इमाम और नमाजी मस्जिदों में प्रवेश कर सकें।
सरकार की गाइड लाइन पर इस्लामी धर्मगुरु सहमत
तेजी से बढ़ते कोरोना संक्रमण को देखते हुए प्रशासन के साथ बैठक के बाद सरकार की गाइडलाइन पर इस्लामी धर्मगुरु भी सहमत हो गए हैं। पांच लोग ही एक साथ मस्जिदों में प्रवेश करेंगे। इससे पहले नमाजियों की संख्या बढ़ाने को लेकर डीएम से मुलाकात की बात कही जा रही थी। शहर काजी मुफ्ती शफीक अहमद शरीफी ने बताया कि 60 वर्ष से अधिक उम्र के नमाजियों को मस्जिद आने से मना किया गया है।