फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

इविवि शिक्षक भर्ती में गड़बड़ी, डीन ने पकड़ी मनमानी

Fri, 29 Jul 2016 01:11 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
विज्ञापन
श‌िक्षक - फोटो : demo
विज्ञापन
इलाहाबाद विश्वविद्यालय की ओर से चल रही शिक्षक भर्ती में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी सामने आई है। असिस्टेंट प्रोफेसर हिंदी के लिए की गई स्क्रीनिंग में यूजीसी के मानकों को दर किनार करके फैकेल्टी रिक्रूटमेंट एंड डेवलपमेंट सेल (एफआरडीसी) ने साक्षात्कार के लिए पत्र जारी कर दिए। कला संकाय के डीन को जानकारी दिए बिना पत्र जारी कर देने और उनकी ओर से साक्षात्कार के लिए अनुमति पत्र पर हस्ताक्षर करने के बाद विवि को साक्षात्कार की तिथि 27 जुलाई निरस्त करनी पड़ी। साक्षात्कार निरस्त होने के बाद अभ्यर्थियों में इस बात को लेकर तरह-तरह की चर्चा हो रही है कि विवि प्रशासन डीन आर्ट को दरकिनार करके शिक्षक भर्ती में मनमानी कर रहा है।
विज्ञापन


विश्वविद्यालय की ओर से गठित शिक्षक चयन समिति की ओर से असिस्टेंट प्रोफेसर हिंदी के लिए योग्य अभ्यर्थियों के चुनाव के लिए गत दिनों आवेदन पत्रों की स्क्रीनिंग की गई। स्क्रीनिंग के समय डीन आर्ट प्रोफेसर ए सत्यनारायण को जानकारी दिए बिना ही शिक्षक चयन समिति ने साक्षात्कार के लिए तिथि तय करके योग्य उम्मीदवारों को सूचना भेज दी। चयन समिति की ओर से मनमाने तरीके से पत्र भेजे जाने के बारे में विवि के ही वरिष्ठ शिक्षकों का कहना है कि इससे पहले विवि में शिक्षकों के चयन में कुलपति की अध्यक्षता में कमेटी गठित होती थी, इस कमेटी में संबंधित संकाय के डीन के निर्देशन विभागाध्यक्ष एवं विषय विशेषज्ञों की टीम आवेदन पत्रों की स्क्रीनिंग करती थी। अबकी बार डीन एवं संबंधित विभाग को सूचना दिए बिना एफआरडीसी के निदेशक प्रो. रामेंद्र सिंह ने साक्षात्कार की तिथि तय कर दी।

साक्षात्कार के बारे में पूछने पर निदेशक एफआरडीसी का कहना है कि अभी तक उनकी ओर से कोई तिथि जारी नहीं की गई है। इस बारे में डीन कला संकाय प्रो. ए सत्यनारायण का कहना है कि एफआरडीसी के निदेशक ने उनको जानकारी में दिए बिना साक्षात्कार का पत्र जारी कर दिया। पत्र जारी करने के बाद वह हस्ताक्षर करने केलिए कहर रहे थे, उनके मना करने के बाद साक्षात्कार की तिथि निरस्त करनी पड़ी। प्रो. सत्यनारायण ने बताया कि उनके कार्यालय में असिस्टेंट प्रोफेसर हिंदी के लिए आवेदन करने वाले एक अभ्यर्थी ने पत्र भेजकर शिकायत की है कि सभी पैरामीटर पूरे होने के बाद भी उसे साक्षात्कार के लिए नहीं चुना गया। इस अभ्यर्थी की शिकायत को डीन कला ने एफआरडीसी के निदेशक के पास भेज दी है।
विज्ञापन
विज्ञापन


- बिना डीन के स्क्रीनिंग वाले फार्म को देखे साक्षात्कार के लिए पत्र कैसे जारी हो गए।
- विभिन्न विभागों से क्या जर्नल की सूची मंगाई गई और क्या एफआरडीसी ने इस सूची को यूजीसी से मंजूरी ली।
- क्या स्क्रीनिंग के आधार को आपने अभी तक वेबसाइट पर डाला, जिससे आवेदन करने वाले जान सकें कि उसे किस आधार पर कितने अंक मिलेंगे।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें