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इलाहाबाद (ब्यूरो)। इलाहाबाद केंद्रीय विश्वविद्यालय के राजनीति विज्ञान विभाग में कुछ युवकों ने बृहस्पतिवार को एक छात्र की पिटाई कर दी। स्नातक के छात्र का आरोप है कि हमलावरों ने पिस्टल भी तान दी थी। उसने चीफ प्रॉक्टर से इसकी शिकायत की है।
छात्र का आरोप है कि नए भवन में क्लास के दौरान विवाद बढ़ने पर एक हॉस्टल के अंत:वासियों ने हमला बोल दिया। इसी दौरान उन्होंने पिस्टल तान दी। इसके बाद वहां अफरा-तफरी मच गई। चीफ प्रॉक्टर प्रोफेसर हर्ष कुमार ने बताया कि आरोपी छात्र चिन्हित कर लिए गए हैं। उन्हें नोटिस जारी कर 48 घंटे में जवाब मांगा गया है। उनका जवाब आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
इसी तरह की घटना बुधवार को मध्यकालीन इतिहास विभाग में हुई थी। कुछ विद्यार्थियों ने एक छात्र की क्लास के दौरान पिटाई कर दी थी। क्लास ले रहे शिक्षक के साथ पहुंचे छात्र ने इसकी शिकायत चीफ प्रॉक्टर से की थी।
इन घटनाओं के विरोध में आइसा से जुड़े छात्रों ने जुलूस निकाला तथा प्रदर्शन किया। छात्र नए भवन से चीफ प्रॉक्टर ऑफिस तक जुलूस बनाकर पहुंचे। उन्होंने ज्ञापन भी सौंपा। उनका कहना था कि परिसर में इस तरह की अराजकता की लगातार घटनाएं हो रही हैं। इससे विद्यार्थी असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। इसके विपरीत विश्वविद्यालय प्रशासन चुप्पी साधे हुए है। जुलूस में प्रदेश अध्यक्ष अंतस सर्वनंद, सचिव सुनील मौर्य, सुभाष कुशवाहा, शक्ति रजवार, सतेंद्र सिंह, शिवानी, तोषी पांडेय, मानविका शिवहरे, संदीप पाल आदि शामिल रहे।
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निष्कासन के विरोध में छात्रों का हंगामा
0 विवि में चीफ प्रॉक्टर तथा अन्य अध्यापकों से हुई तीखी झड़प
इलाहाबाद (ब्यूरो)। निष्कासन और निलंबन के विरोध तथा अन्य मुद्दों को लेकर एबीवीपी से जुड़े छात्रों ने बृहस्पतिवार को कुलपति दफ्तपर पर प्रदर्शन किया। इस दौरान उनकी चीफ प्रॉक्टर तथा अन्य अध्यापकों के साथ तीखी झड़प हुई। इससे काफी तनाव बढ़ गया था और उनकी गिरफ्तारी की स्थिति बन गई थी।
रोजाना की तरह छात्रसंघ भवन पर क्रमिक अनशन जारी रहा। इसके बाद जुलूस बनाकर वे कुलपति दफ्तर पर पहुंचे। वे कुलपति से वार्ता की मांग कर रहे थे लेकिन वीसी तैयार नहीं हुए। इस दौरान छात्रों ने अध्यापकों के लिए अपशब्द कहे। इससे नाराज सुरक्षा कर्मी तथा सिपाही भी हरकत में आ गए। इसी दौरान वहां और फोर्स पहुंच गई। इसके बाद स्थिति नियंत्रण में आई लेकिन छात्रों का विरोध जारी रहा। निष्कासन तथा निलंबन को छोड़कर विश्वविद्यालय के अन्य मुद्दों पर कुलपति से वार्ता करने की कोशिश का आश्वासन दिया गया। वार्ता में भी आम छात्रों के शामिल होने की शर्त रखी गई। इसके बाद छात्र हटे लेकिन उन्होंने फिर परिसर में जुलूस निकाला। प्रदर्शन करने वालों में विक्रांत सिंह, आनंद सिंह निक्कू, सूय प्रकाश मिश्रा, श्रवण जायसवाल, आनंद दुबे, अमित सिंह, रुद्र पांडेय, अनुभव उपाध्याय, राहुल हिन्दुस्तानी आदि शामिल रहे।