लंबे इंतजार के बाद इलाहाबाद विश्वविद्यालय में रजिस्ट्रार, वित्त अधिकारी समेत चार प्रमुख पदों पर अफसरों की नियुक्ति हो गई। रविवार को कार्यपरिषद की बैठक में चयनितों के नाम का लिफाफा खोला गया। बीएचयू के संयुक्त कुलसचिव वित्त आरके उपाध्याय रजिस्ट्रार बनाए गए हैं। डॉ.भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय लखनऊ के रमाशंकर सिंह का वित्त अधिकारी पद पर चयन हुआ है। प्रोफेसर एचएस उपाध्याय एक बार फिर परीक्षा नियंत्रक पद के लिए चयनित हुए हैं। डिप्टी लाइब्रेरियन डॉ.बीके सिंह पुस्तकालय अध्यक्ष बनाए गए हैं। डॉ.बीके सिंह ने रविवार को ज्वाइन भी कर लिया।
रजिस्ट्रार, वित्त अधिकारी और परीक्षा नियंत्रक का चयन पांच वर्ष या 62 वर्ष की आयु पूरी होने तक के लिए हुआ है। परीक्षा नियंत्रक पद पर प्रोफेसर एचएस उपाध्याय की सशर्त नियुक्ति हुई है। अगर वह इस पद पर रहते हैं तो दर्शनशास्त्र विभाग में प्रोफेसर पद छोड़ना होगा। विश्वविद्यालय के अफसरों का कहना है कि कोई भी शिक्षक अधिकतम पांच वर्ष की छुट्टी ले सकता है। प्रोफेसर एचएस उपाध्याय अवकाश लेकर पांच साल तक परीक्षा नियंत्रक रह चुके हैं। इसलिए उनकी नियुक्ति के साथ शर्त लगाई गई है। प्रोफेसर के रिटायरमेेंट की आयु 65 साल है।
जबकि, परीक्षा नियंत्रक पद से वह 62 साल की उम्र में ही सेवानिवृत्त हो जाएंगे। ऐसे में यदि प्रोफेसर एचएस उपाध्याय यह शर्त स्वीकार नहीं करते हैं और विभाग में वापस होते हैं तो उनकी जगह दूसरे की नियुक्ति कर दी जाएगी। कार्यपरिषद की बैठक में इनके विकल्प का नाम भी चुन लिया गया है। हालांकि अभी यह नाम सार्वजनिक नहीं किया जा रहा है। डॉ.बीके सिंह की लाइब्रेरियन पद पर रिटायरमेंट तक नियुक्ति हुई है। केंद्रीय विश्वविद्यालय में वह दूसरे स्थाई लाइब्रेरियन हैं। इनसे पहले डॉ.एपी गक्खर की इस पद पर नियुक्ति हुई थी, जो मार्च 2012 में रिटायर हुए थे।