इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा है कि बिना स्टैच्यूट में नियमानुसार उपबंध किए विश्वविद्यालय को परीक्षा फीस बढ़ाने का अधिकार नहीं है। कोर्ट ने काशी विद्यापीठ वाराणसी की ओर से परीक्षा फीस बढ़ाने के आदेश को अवैध करार देते हुए रद्द कर दिया है।
कोर्ट ने कहा है कि छात्रों की ओर से जमा करायी गयी अधिक फीस अगले सत्र में समायोजित की जाए। साथ ही कोर्ट ने छात्रों को यह जानकारी देने के लिए कॉलेजों को आदेश दिया है।
कोर्ट ने विश्वविद्यालय को नियमानुसार परिनियम में फीस बढ़ाने की कार्रवाही करने की छूट दी है। यह आदेश न्यायमूर्ति अश्वनी कुमार मिश्र ने विवेकानंद महाविद्यालय सेमरी बलिया सहित तीन कालेजों की याचिकाओं को स्वीकार करते हुए दिया है।
याचिकाओं में मनमाने तरीके से परीक्षा फीस बढ़ाने के आदेश को चुनौती दी गयी थी। कोर्ट ने कहा कि एमजेपी रुहेलखंड विश्वविद्यालय केस में कोर्ट ने कानूनी मुद्दे पर पहले ही फैसला दे रखा है। इसी आधार पर कोर्ट ने फीस बढ़ाने के आदेश को रद्द कर दिया।