सीएमपी डिग्री कॉलेज में रविवार को आयोजित राष्ट्रीय मूट कोर्ट प्रतियोगिता में यूनाइटेड यूनिवर्सिटी की टीम विजेता रही। टीम को 51 हजार रुपये पुरस्कार के रूप में प्रदान किए गए। एसएस खन्ना गर्ल्स डिग्री कॉलेज की टीम को उपविजेता घोषित किया गया, जिसे 25 हजार रुपये बतौर पुरस्कार प्रदान किए गए।
लॉ कॉलेज देहरादून को सर्वश्रेष्ठ शोधार्थी का अवॉर्ड दिया गया। टीम को सात हजार रुपये पुरस्कार के तौर पर मिले। सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ साउथ बिहार की टीम को बेस्ट मेमोरियल अवॉर्ड के साथ सात हजार रुपये का पुरस्कार प्रदान किया गया। सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ साउथ बिहार की आस्था गुप्ता को सर्वश्रेष्ठ वक्ता घोषित किया गया और सात हजार रुपये का पुरस्कार दिया गया।
मुख्य अतिथि इलाहाबाद हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति गौतम चौधरी ने कहा कि विधि के छात्र भारत के भविष्य हैं। बहुत से छात्र उच्च न्यायालय व उच्चतम न्यायालय में जाएंगे। एक सभ्य समाज के लिए विधि व्यवस्था अत्यंत आवश्यक है। बच्चों ने अच्छे तर्क दिए, जिससे स्पष्ट है कि भारत की विधिक व्यवस्था अच्छे हाथों में है। कहा कि एक अधिवक्ता दूसरे का शत्रु नहीं होता है, अधिवक्ता को स्पर्धा करनी चाहिए न कि ईर्ष्या।
विशिष्ट अतिथि इलाहाबाद हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति अनीश कुमार गुप्ता ने कहा कि सहभाग करने वाले विद्यार्थियों को मूट कोर्ट बहुत कुछ सिखाता है। यह मंच विद्यार्थियों को प्रायोगिक जानकारी देता है। विशिष्ट अतिथि केपी ट्रस्ट के पूर्व अध्यक्ष चौधरी जितेंद्र ने कहा कि मूट कोर्ट न्याय व्यवस्था का एक पूर्वाभ्यास है, इससे बच्चों में आत्मविश्वास आता है।
प्राचार्य प्रो. अजय प्रकाश खरे ने कहा कि कानून का क्षेत्र केवल विश्वास पर आधारित है। अपनी छवि को बनाए रखना ही सबसे महत्वपूर्ण है। इस मौके पर इविवि के विधि संकाय के डीन प्रो. आदेश कुमार समेत दिग्विजय श्रीवास्तव, अनुश्री पांडे, डॉ. हरि दर्शन त्रिपाठी, डॉ. बबीता श्रीवास्तव, डॉ. प्रमोद कुमार आदि मौजूद रहे। संचालन अनुश्री पांडेय व धन्यवाद ज्ञापन आयोजन सचिव रेनू सिंह ने किया।