यह महायज्ञ सेक्टर-18 में 25 से 30 जनवरी तक चलेगा। इसमें विश्व समुदाय के 200 से अधिक विदेशी साधु और साध्वियां आहुतियां देंगी। महायज्ञ की तैयारी यूक्रेन के संत महामंडलेश्वर स्वामी विष्णुदेवा नंद खुद करा रहे हैं। इसमें जापान और कनाडा के भी संत उनके साथ हैं। उत्तमिका ओम गिरि कहती हैं, दोनों देशों में शांति की नई बयार जरूरी है।
कुंडलिनी जागृत करने को अभ्यास करा रही हैं सती माता
सती माता कुंडलिनी जागृत करने का महाकुंभ में अभ्यास भी करा रही हैं। वह फेसबुक पर भी ऑनलाइन कुंडलिनी पाठ्यक्रम से लोगों को जोड़ती हैं। उनका मानना है कि कुंडलिनी जागरण से ही अवसाद से मुक्ति पाई जा सकती है। यह गहन साधना है।