सिविल लाइंस इलाके में लगे यूनीपोल पर जारी एक विवादित विज्ञापन ने सियासी गलियारे में खलबली मचा दी है। विज्ञापन के जरिये मथुरा कांड के मुद्दे पर प्रदेश की सपा सरकार पर निशाना साधा गया है। जिसमें दावा किया गया है कि प्रदेश में अगली सरकार भाजपा की होगी। यूनिपोल पर विज्ञापन की अनुमति नगर निगम से मिलती है, सो मामले में निगम अफसर फंस सकते हैं। अगर विज्ञापन बिना अनुमति के लगाया गया है तो भी अफसरों को जवाब देना पड़ सकता है कि उनकी नजर इस पर क्यों नहीं पड़ी। सिर्फ नगर निगम नहीं बल्कि जिला प्रशासन और पुलिस विभाग के अफसर भी आए दिन इस मार्ग से गुजरते हैं लेकिन किसी ने इस पर अब तक आपत्ति नहीं की।
सिविल लाइंस स्थित सरदार पटेल मार्ग पर हॉट स्टफ के सामने लगे यूनिपोल पर विवादित विज्ञापन में लिखा है, ‘खून से रंगी मथुरा, सो रही सरकार। ना गुंडाराज ना भ्रष्टाचार अबकी बार भाजपा सरकार।’ इस पर कार्टून भी बना है, जिसमें दिखाया गया है कि एक नेता की गोद में बैठा शख्स सामने खड़े पुलिस कर्मी पर गोली चला रहा है। कार्टून के जरिये सत्ता पक्ष के एक नेता पर निशाना साधा गया है।
पिछले दिनों इलाहाबाद में आयोजित भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जनसभा में भी मथुरा कांड छाया रहा। भाजपा के दिग्गजों ने इस मसले पर प्रदेश सरकार पर जमकर निशाना साधा। अब यूनिपोल पर विज्ञापन के जरिये भी मथुरा कांड की आड़ में प्रदेश सरकार पर निशाना साधा जाने लगा है। यूनिपोल पर यह विज्ञापन किसने लगवाया, अभी स्पष्ट नहीं है लेकिन प्रदेश सरकार विरोधी यह विज्ञापन भाजपा के समर्थन में है।