मेजा के पथरा गांव के पास रविवार रात नील गाय के शव के टुकड़ों से भरा अनियंत्रित टेंपो पलट गया। नील गाय की हत्या कर उसके शव के टुकड़ों को बोरी में भरकर ले जाया जा रहा था। हादसे के बाद राहगीरों ने मदद का प्रयास किया तो बोरियों में भरा मांस नीचे गिरने से तस्करों की पोल खुल गई।
इसके बाद मिर्जापुर के थाना ड्रमंडगंज गांव बबुरा खुर्द निवासी आरोपी साहब अली उर्फ कलामउद्दीन और घूरपुर सरंगापुर निवासी सिराज अहमद को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया गया। हालांकि, तीन आरोपी भागने में कामयाब रहे।
रविवार रात कोंहड़ार-कोरांव मार्ग पर पथरा गांव के पास एक टेंपो अनियंत्रित होकर पलट गया। रास्ते से गुजर रहे राहगीर टेंपो सवार लोगों की मदद को आगे आए तो टेंपो में बोरियों में भरकर रखे गए मांस के टुकड़े गिरने लगे। राहगीरों को शक हुआ तो उन्होंने टेंपो में सवार लोगों को पकड़ना चाहा, इस दौरान मौका पाकर तीन लोग भाग गए और दो को पकड़ लिया गया। पिटाई कर उन्हें पुलिस को सौंप दिया गया।
एसीपी मेजा संत प्रसाद उपाध्याय ने बताया कि पकड़े गए तस्करों ने बताया कि वे टेंपो की बैटरी से खेतों के चारों ओर लगे कंटीले तारों में बिजली की सप्लाई करते हैं। तार के संपर्क में आने पर करंट लगने से नीलगाय बेसुध हो जाती हैं। इसके बाद वे पीट-पीट कर उनकी हत्या कर देते हैं।
इनके मांस की सप्लाई मिर्जापुर में अच्छे दामों पर की जाती है। एसीपी ने बताया कि मामले में एफआईआर दर्ज कर पकड़े गए दोनों आरोपियों का चालान कर दिया गया है। तस्करों के गैंग की तलाश में पुलिस की दो टीमें गठित कर दी गई हैं।