बम डिस्पोजल स्क्वॉयड ने अटैची खोली तो इसमें एलआईसी की फाइलें मिलीं। एक डायरी भी मिली जिसमें मृग्रेंद्रमनी सिंह लिखा हुआ था। पुलिस ने डायरी में लिखे नंबर पर फोन किया तो पता चला कि अटैची मृग्रेंदमनी की ही है। उन्होंने बताया कि वह एलआईसी के इंदिरा भवन स्थित कार्यालय में मैनेजर के पद पर तैनात हैं। पुलिस ने अटैची के बारे में पूछा तो उनका कहना था कि वह कार में ही होगी। कुछ देर बाद बताया कि उनकी अटैची कार से गायब है। इंस्पेक्टर सिविल लाइंस वीरेंद्र सिंह यादव ने बताया कि यह लग रहा है कि मैनेजर अपनी अटैची भूलकर चले गए।