इस वारदात में 68 दिन बाद एक और नया सीसीटीवी फुटेज सामने आया है। यह सीसीटीवी फुटेज उमेश पाल पर हमले से तीन दिन पहले का है। इस वीडियो में भी हत्याकांड वाले दिन की तरह उमेश पाल की गाड़ी का हत्यारों ने पीछा किया था और हत्या की पूरी तैयारी की थी। अगर उस दिन हमलावर कामयाब हो जाते तो उमेश पाल की तीन दिन पहले ही हत्या हो सकती थी लेकिन पुलिस की एक जीप ने उस दिन उमेश पाल की जान बचा ली।
वीडियो में देखा जा सकता है कि उमेश पाल को मारने के लिए शूटर उस्मान और गुलाम हसन उसके घर के पास पहुंच गए थे, लेकिन पुलिस की जीप आ जाने के कारण योजना पर पानी फिर गया। बदमाश उमेश पाल के पीछे पीछे उनके घर तक पहुंचे थे। उमेश पाल कार का गेट खोलकर अपने घर की तरफ जाते दिख रहा है और ठीक उसी समय बदमाशों की कार भी वहां पहुंच जाती है। बदमाश कोई वारदात कर पाते कि पुलिस की जीप दिखने के बाद उन्होंने अपना प्लान बदल दिया।
24 फरवरी को की गई थी उमेश पाल की हत्या
विधायक राजू पाल की हत्या के मुख्य गवाह रहे उमेश पाल की हत्या 24 फरवरी को कर दी गई थी। हत्याकांड में उमेश के दोनों सरकारी गनर राघवेंद्र सिंह और संदीप निषाद की भी जान चली गई थी। शूटरों ने उमेश को उस समय गोली और बम मारकर मौत के घाट उतार दिया था जब वह कचहरी से अपने केस की पैरवी करने के बाद क्रेटा कार से घर पहुंचे थे। घर के पास बाहर सड़क पर कार से उतरते ही बदमाशों ने उनके ऊपर गोली और बम बरसाना शूरू कर दिया था।