अगले दिन पुलिस ने घटना में प्रयुक्त कार अतीक के घर के सामने से बरामद की। इसके बाद क्षेत्र में भारी संख्या में फोर्स ने सर्च ऑपरेशन चलाया लेकिन सारे शूटर बाहर भाग निकले थे। एसटीएफ और पुलिस की टीमें बिहार, झारखंड, पंजाब, पश्चिम बंगाल, हरियाणा, दिल्ली, उत्तराखंड आदि राज्यों और नेपाल में लगातार दबिश दे रही हैं।
सूत्रों के मुताबिक आगरा, बहराइच, झारखंड, बिहार के आरा, आसनसोल और कोलकाता पोर्ट के आस पास सर्च आपरेशन में पुलिस शूटरों के बेहद नजदीक जाकर चूक गई। शूटर बेहद शातिर तरीके से लगातार अपनी लोकेशन और मोबाइल बदल रहे हैं। उन्होंने किसी भी नजदीकी या दोस्त को फोन नहीं किया। बिल्कुल नए लोग उनकी मदद कर रहे हैं।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक अतीक ने इस बार उमेश की हत्या के साथ साथ शूटरों के बाहर भागने, छिपने और उनकी व्यवस्था की प्लानिंग कर रखी है। उसे मालूम था कि घटना के बाद पुलिस और एसटीएफ की सारी टीमें शूटरों को ही खोजेंगी, इस कारण शूटरों को छिपाने और पनाह के लिए बिल्कुल नए लोगों को जिम्मा दिया गया था जिनके रिकार्ड न तो पुलिस के पास हैं, न ही उनके मोबाइल नंबर कोई जानता है।
गंगापार कछार में ढूंढा जा रहा शाइस्ता को
पुलिस को शाइस्ता के बारे में बारे जानकारी मिली है कि वह गंगा के कछारी इलाके में छिपी हैं। पहले कौशाम्बी, धूमनगंज और कैंट के कछारी इलाकों में खोजबीन की गई। इसके बाद गंगापार कछारी इलाकों में सर्च ऑपरेशन चलाया गया लेकिन शाइस्ता के बारे में जानकारी नहीं मिली।