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उमेश पाल हत्याकांड : लगातार लोकेशन और मोबाइल बदल रहे हैं शूटर, नए मददगारों की शरण में है इनामी

Sun, 26 Mar 2023 05:35 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

उमेश पाल हत्याकांड में वांटेड पांचों शूटर अपनी लोकेशन और मोबाइल लगातार बदल रहे हैं। एसटीएफ और पुलिस इसी कारण उन्हें नहीं पकड़ पा रही है। पुलिस कई बार इन शूटरों के बेहद नजदीक पहुंच कर भी चूक गई।
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Prayagraj News : अतीक का पुत्र असद। - फोटो : अमर उजाला।
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उमेश पाल हत्याकांड में वांटेड पांचों शूटर अपनी लोकेशन और मोबाइल लगातार बदल रहे हैं। एसटीएफ और पुलिस इसी कारण उन्हें नहीं पकड़ पा रही है। पुलिस कई बार इन शूटरों के बेहद नजदीक पहुंच कर भी चूक गई। शूटरों के मददगार और पनाह देने वाले भी बिल्कुल नए हैं। सूत्रों का कहना है कि अतीक ने शूटरों को छिपाने के लिए पहले से ही प्लान तैयार कर रखा था।

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उमेश पाल और दो सिपाहियों की हत्या के बाद असद, गुड्डू मुस्लिम, गुलाम, साबिर और अरमान फरार हो गए। पुलिस ने पहले दिन बेहद लापरवाही बरती, इस कारण शूटरों को यहां से निकलने का मौका मिला गया। बताया जाता है कि असद और गुलाम को छोड़कर सभी शूटरों ने 24 फरवरी की रात चकिया और आस पास के इलाके में ही बिताई थी। अगले दिन वे यहां से भागे। पुलिस ने उसी रात चकिया में अतीक के घर दबिश देकर दोनों नाबालिग बेटों और शाइस्ता को हिरासत में भी ले लिया था लेकिन, शाइस्ता को बाद में छोड़ दिया गया।

अगले दिन पुलिस ने घटना में प्रयुक्त कार अतीक के घर के सामने से बरामद की। इसके बाद क्षेत्र में भारी संख्या में फोर्स ने सर्च ऑपरेशन चलाया लेकिन सारे शूटर बाहर भाग निकले थे। एसटीएफ और पुलिस की टीमें बिहार, झारखंड, पंजाब, पश्चिम बंगाल, हरियाणा, दिल्ली, उत्तराखंड आदि राज्यों और नेपाल में लगातार दबिश दे रही हैं।

सूत्रों के मुताबिक आगरा, बहराइच, झारखंड, बिहार के आरा, आसनसोल और कोलकाता पोर्ट के आस पास सर्च आपरेशन में पुलिस शूटरों के बेहद नजदीक जाकर चूक गई। शूटर बेहद शातिर तरीके से लगातार अपनी लोकेशन और मोबाइल बदल रहे हैं। उन्होंने किसी भी नजदीकी या दोस्त को फोन नहीं किया। बिल्कुल नए लोग उनकी मदद कर रहे हैं।

पुलिस सूत्रों के मुताबिक अतीक ने इस बार उमेश की हत्या के साथ साथ शूटरों के बाहर भागने, छिपने और उनकी व्यवस्था की प्लानिंग कर रखी है। उसे मालूम था कि घटना के बाद पुलिस और एसटीएफ की सारी टीमें शूटरों को ही खोजेंगी, इस कारण शूटरों को छिपाने और पनाह के लिए बिल्कुल नए लोगों को जिम्मा दिया गया था जिनके रिकार्ड न तो पुलिस के पास हैं, न ही उनके मोबाइल नंबर कोई जानता है।
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गंगापार कछार में ढूंढा जा रहा शाइस्ता को
पुलिस को शाइस्ता के बारे में बारे जानकारी मिली है कि वह गंगा के कछारी इलाके में छिपी हैं। पहले कौशाम्बी, धूमनगंज और कैंट के कछारी इलाकों में खोजबीन की गई। इसके बाद गंगापार कछारी इलाकों में सर्च ऑपरेशन चलाया गया लेकिन शाइस्ता के बारे में जानकारी नहीं मिली।
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