माफिया अतीक अहमद और नफीस बिरयानी। फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला।
उमेश पाल हत्याकांड में एक दिन पहले जिस नफीस बिरयानी पर 50 हजार का इनाम घोषित हुआ, उसपर माफिया भाइयों अतीक और अशरफ की खास मेहरबानी थी। सिविल लाइंस के एमजी मार्ग स्थित रेस्टोरेंट पर बुलडोजर चलने के बाद उसका रेस्टोरेंट धोबी घाट चौराहे के पास स्थित बेशकीमती जमीन पर खुलना था। यह जमीन उसी इंजीनियरिंग कॉलेज संचालक की थी, जिससे चार दिन पहले टास्क फोर्स ने पूछताछ की थी।
टास्क फोर्स की जांच पड़ताल के दौरान यह बात सामने आई है। दरअसल, नफीस का रेस्टोरेंट पहले सिविल लाइंस के एमजी मार्ग पर पैलेस सिनेमाहाल के पास था। जबकि कारखाना इसके पीछे नवाब यूसुफ रोड पर स्थित उस जमीन पर था जिस पर माफिया का कब्जा था। 2020 में बुलडोजर चलवाकर विकास प्राधिकरण ने इसे ढहा दिया।
इसके बाद माफिया भाइयों की मदद से नफीस अपना रेस्टोरेंट धोबीघाट चौराहे के पास स्थित बेशकीमती जमीन पर खोलने वाला था। इसके लिए खुद अतीक-अशरफ ने अपने गुर्गों के जरिये इंजीनियरिंग कॉलेज संचालक को संदेश भिजवाया था। इसमें कहा था कि वह अपनी जमीन नफीस को रेस्टोरेंट खोलने के लिए दे दें।