फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पेमेंट हिस्ट्री से खुलेंगे राज: उमेश की हत्या से पहले 13 दिन में असद ने उड़ाए छह लाख, दोस्त ने किए बड़े खुलासे

Fri, 28 Apr 2023 08:02 AM IST
आकाश दुबे अमर उजाला ब्यूरो, प्रयागराज

सार

असद व उसके साथी से पूछताछ में पुलिस को कुछ अहम जानकारियां मिली हैं। आतिन ने बताया है कि उमेश पाल की हत्या के दिन जब उसने असद के डेबिट कार्ड के जरिए एटीएम से रुपये निकालने गया तब उसके खाते में महज 20 हजार रुपये थे। यह देखकर वह हैरान भी रह गया था।
विज्ञापन
उमेश पाल हत्याकांड - फोटो : फाइल फोटो
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

माफिया अतीक अहमद के बेटे असद ने उमेश पाल हत्याकांड से पहले 13 दिन के भीतर छह लाख रुपये उड़ाए थे। इसमें से कुछ रकम नकदी जबकि, शेष खाते से निकाली थी। हाल यह था कि वारदात वाले दिन तक उसके खाते में महज 20 हजार रुपये रह गए थे। इस बात का खुलासा लखनऊ से उठाए गए उसके दोस्त आतिन जफर ने किया है।

विज्ञापन

असद व उसके साथी से पूछताछ में पुलिस को कुछ अहम जानकारियां मिली हैं। आतिन ने बताया है कि उमेश पाल की हत्या के दिन जब उसने असद के डेबिट कार्ड के जरिए एटीएम से रुपये निकालने गया तब उसके खाते में महज 20 हजार रुपये थे। यह देखकर वह हैरान भी रह गया था। इसके बाद भी उसने 10 हजार रुपये निकाले।

सूत्रों का कहना है कि उससे पूछताछ में यह बात सामने आई है कि उमेश पाल हत्याकांड से पहले करीब 15 दिनों के भीतर असद ने छह लाख रुपये उड़ाए थे। कुछ रकम उसने नकदी में खर्च की थी और बाकी रकम खाते से निकाल कर दी थी। हालांकि असद ने कभी इस बात की जानकारी नहीं दी कि यह रकम वह कहां और क्यों खर्च कर रहा है।

यह जानकारी सामने आने के बाद माना जा रहा है कि असद ने जो भी रुपये उड़ाए, वह उमेश पाल हत्याकांड की साजिश और अन्य इंतजामों में खर्च हुए। आशंका जाहिर किए जाने की एक वजह यह भी मानी जा रही है कि क्योंकि लगभग 15 दिन पहले ही यानी 11 फरवरी को उमेश पाल हत्याकांड की साजिश रची गई। 11 फरवरी को ही असद समेत सभी छह शूटर चार अन्य लोगों संग बरेली जेल में अशरफ से मिलने पहुंचे थे।

पेमेंट हिस्ट्री से खुल सकते हैं बड़े राज
सूत्रों का कहना है कि आतिन से मिली जानकारी के बाद अब असद का बैंक खाते का स्टेटमेंट व पेमेंट हिस्ट्री भी खंगाली जा रही है। दरअसल इससे यह पता लग सकेगा कि कितने रुपये कब और कहां से निकाले गए। साथ ही इसकी भी जानकारी मिल सकेगी कि रुपये खर्च कहां किए गए। दरअसल यह भी आशंका जताई जा रही है कि उमेशपाल हत्याकांड से पहले जो आईफोन खरीदे गए, वह असद ने ही खरीदे हों। ऐसे में पेमेंट हिस्ट्री हत्याकांड की विवेचना में अहम साबित हो सकती है।
विज्ञापन

आतिन पर कस सकता है शिकंजा
सूत्रों का कहना है कि आतिन पर जल्द ही शिकंजा कसा जा सकता है। वह भले ही कह रहा हो कि उसे उमेशपाल हत्याकांड की साजिश के बारे कोई जानकारी नहीं थी। यही नहीं हत्या के बाद किसी अज्ञात नंबर से फोन कर असद ने सिर्फ मोबाइल छिपाने की बात कही थी। इसके अलावा उसने कोई जानकारी नहीं दी थी। हालांकि उसके बयान को बहुत विश्वसनीय नहीं माना जा रहा। उसने असद का मोबाइल छिपाया और ऐसे में साक्ष्य छिपाने के आरोप में उस पर शिकंजा कसा जा सकता है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें