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उमेश पाल हत्याकांड: अशरफ की पत्नी जैनब को हाईकोर्ट से राहत नहीं, गिरफ्तारी पर रोक लगाने वाली याचिका खारिज

सार

जैनब फातिमा की ओर से गिरफ्तारी पर रोक की मांग को लेकर हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गई थी। जस्टिस वी के बिड़ला और जस्टिस विनोद दिवाकर की खंडपीठ ने यह आदेश दिया है।
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जैनब फातिमा और अशरफ। फाइल फोटो - फोटो : social media
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विस्तार
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माफिया अशरफ की फरार बेगम जैनब फातिमा को इलाहाबाद हाईकोर्ट से तगड़ा झटका लगा है। हाईकोर्ट ने जैनब की गिरफ्तारी पर रोक की मांग में दाखिल याचिका को खारिज कर दिया है। याची का कहना था कि उमेश पाल हत्या केस में दर्ज एफआईआर में उसे नामित नहीं किया गया था। उमेश पाल की पत्नी जया पाल सहित अन्य के धारा 161 के बयान में भी उसका नाम नहीं लिया गया।

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सह अभियुक्तों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल हो चुकी है। सह अभियुक्तों के बयान के आधार पर उसे फंसाया गया है। उसके खिलाफ कोई ठोस साक्ष्य नहीं है। इसलिए उसको गिरफ्तारी से संरक्षण दिया जाए। हाईकोर्ट ने आरोप की गंभीरता को देखते हुए हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया है।

 

बता दें कि जैनब फातिमा की ओर से गिरफ्तारी पर रोक की मांग को लेकर हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गई थी। जस्टिस वी के बिड़ला और जस्टिस विनोद दिवाकर की खंडपीठ ने यह आदेश दिया है।

13 अप्रैल को हुई थी अतीक-अशरफ की हत्या
बताते चलें कि देश का बहुचर्चित प्रयागराज का उमेश पाल हत्याकांड में पुलिस ने जैनब फातिमा को भी आरोपी बनाया है। उमेश पाल हत्याकांड का मुख्य आरोपी कुख्यात माफिया अतीक अहमद और उसका भाई माफिया अशरफ की 13 अप्रैल को पुलिस कस्टडी में कॉल्विन अस्पताल के गेट पर तीन हमलावरों ने ताबड़तोड़ गोलियां बरसाकर हत्या कर दी गई थी।अतीक की बेगम शाइस्ता परवीन, अशरफ की बेगम जैनब फातिमा, बहन आयशा नूरी, बमबाज गुड्डू मुस्लिम, अरमान बिहारी, साबिर अब तक पुलिस की पकड़ से दूर हैं।
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जैनब पर गंभीर आरोप
24 फरवरी को प्रयागराज में हमलावरों ने उमेश पाल और दो सरकारी गनर पर फायरिंग कर उनकी हत्या कर दी थी। जैनब फातिमा पर उमेश पाल की हत्या करने वाले शूटरों को फरार होने में मदद करने का आरोप लगाया गया है।
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