इलाहाबाद। गंगा किनारे केंद्रीय मंत्री उमा भारती रविवार को बड़ा ऐलान कर सकती हैं। गंगा की स्वच्छता को लेकर उच्चतम न्यायालय में केंद्र सरकार के शपथ पत्र देने के बाद वह पहली बार संगम क्षेत्र में पहुंच रही हैं। महीने भर पहले यहां आईं उमा ने गंगा-यमुना में सीधे गिरते नालों की धार देखी थी। केंद्र ने न्यायालय में जानकारी दी है कि तीन साल में गंगा को निर्मल कर दिया जाएगा। उमा गंगा किनारे 18 जनवरी को होने वाले सरिता समग्र सम्मेलन में बतौर मुख्य वक्ता शामिल होंगी। सम्मेलन में शंकराचार्य स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती सहित कई बड़े संतों की मौजूदगी में जल और पर्यावरण संरक्षण के साथ नदियों को बचाने पर भी चर्चा होगी।
सई नदी यात्रा के संयोजक व भाजपा एमएलसी विन्ध्यवासिनी कुमार ने शुक्रवार को बातचीत में इस आशय की सूचना दी। कहा, केंद्र सरकार में गंगा एवं जल संरक्षण मंत्री उमा भारती, शंकराचार्य स्वामी वासुदेवानंद सरस्वती, काशी सुमेरूपीठाधीश्वर शंकराचार्य स्वामी नरेंद्रानंद सरस्वती, निरंजनी अखाड़ा के सचिव नरेंद्र गिरि, साध्वी अमृता संगोष्ठी को संबोधित करेंगी। साधु-संतों की ओर से इसमें नदियों की सुरक्षा और संरक्षण के लिए कड़े कानून बनाने और उस पर सख्ती से अमल की मांग उठ सकती है। मीडिया संयोजक अमरेश श्रीवास्तव के मुताबिक पांच नंबर पुल के पार मछली बंदर मठ में होने वाले सम्मेलन में केंद्रीय मंत्री से नदियों में कूड़ा कचरा डालने वाली कंपनियों पर भारी जुर्माना लगाने और न सुधरने पर लाइसेंस निरस्त करने की मांग भी उठाई जाएगी।