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Prayagraj News: बिना रेडियोलॉजिस्ट के चल रहे अल्ट्रासाउंड सेंटर

Thu, 10 Sep 2026 02:01 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, प्रयागराज
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मऊआइमा इलाके में इन दिनों अल्ट्रासाउंड सेंटरों की बाढ़ आ गई है। गली-मोहल्ले और अस्पतालों के अंदर धड़ल्ले से अल्ट्रासाउंड और पैथोलॉजी लैब चल रहे हैं। हैरानी की बात है कि किसी भी सेंटर में पीसीपीएनडीटी एक्ट के मानक के अनुरूप रिपोर्ट लिखने वाला एमडी रेडियोलॉजिस्ट तैनात नहीं है।
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प्रयागराज-प्रतापगढ़ राजमार्ग पर स्थित ब्लॉक बाजार, जोगापुर, मोहम्मदपुर सराय अली, हरिसेनगंज और ददौली सोरांव आदि में एक दर्जन से अधिक अल्ट्रासाउंड सेंटर सक्रिय हैं। लोगो का आरोप है कि इनमें से अधिकांश सेंटरों में बीएएमएस, बीएचएमएस और अन्य पैथी के डॉक्टर या अप्रशिक्षित टेक्नीशियन ही अल्ट्रासाउंड कर रिपोर्ट तैयार कर रहे हैं।
नियमानुसार, अल्ट्रासाउंड करने और उसकी रिपोर्ट पर हस्ताक्षर करने के लिए एमडी रेडियोलॉजी/डीएमआरडी डिग्रीधारी चिकित्सक का होना अनिवार्य है, जिसका नाम पीसीपीएनडीटी एक्ट में पंजीकृत हो। इन अल्ट्रासाउंड केंद्रों पर इसका खुला उल्लंघन हो रहा है।
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स्थानीय लोग ने बताया कि सेंटर संचालक शहर के किसी बड़े रेडियोलॉजिस्ट के साइन स्कैन कर रखे रहते हैं और अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट में जोड़ देते हैं। जांच के नाम पर 600 से 1500 रुपये तक वसूले जा रहे हैं। बताया जाता है कि गलत रिपोर्ट के कारण गर्भवती महिलाओं में दहशत और भ्रम की स्थिति बन रही है।
कई बार गलत रिपोर्ट के चक्कर में मरीज को प्रयागराज रेफर होना पड़ा है। स्वास्थ्य विभाग दावा करता है कि समय-समय पर अल्ट्रासाउंड सेंटरों की जांच की जाती है, लेकिन जमीनी हकीकत इसके उलट है। बिना पंजीकरण और बिना योग्य चिकित्सक के चल रहे सेंटरों पर आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। इससे विभाग की कार्यशैली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
ग्रामीणों ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी प्रयागराज और जिलाधिकारी से मांग की कि क्षेत्र में चल रहे सभी अल्ट्रासाउंड सेंटरों की पीसीपीएनडीटी एक्ट के तहत मजिस्ट्रेटियल जांच कराई जाए। योग्य चिकित्सक न मिलने पर सेंटरों को तत्काल सीज किया जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
किसी भी क्षेत्र में बिना मानक के यदि अल्ट्रासाउंड सेंटर संचालित हो रहा है तो पीसीपीएनडीटी एक्ट के तहत पंजीकरण की जांच की जाएगी। मानक पूरा न करने वाले सेंटरों को नोटिस देकर सीज करने के साथ ही एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।-डाॅ. एके तिवारी, मुख्य चिकित्साधिकारी प्रयागराज
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