इलाहाबाद। उज्ज्वला गैस एजेंसी के नाम पर वितरक नियुक्त करने के फर्जीवाड़े में एक और बात सामने आई है। इस योजना के तहत जो आवेदन पत्र वेबसाइट में उपलब्ध है, उसमें प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (पीएमयूवाई) के लोगो का इस्तेमाल किया गया है। ताकि आवेदन करने वालों को किसी भी तरह का कोई शक न हो। आईओसी अफसरों की माने तो पीएमयूवाई के लोगो का फर्जी तरीके से इसमें इस्तेमाल किया गया है। इस लोगो का इस्तेमाल सिर्फ पीएमयूवाई में ही हो सकता है।
बता दें कि प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के नाम रसोई गैस वितरण के लिए देश के सभी राज्यों में डिस्ट्रीब्यूटर एवं डीलर नियुक्त करने के लिए पिछले दिनाें एक विज्ञापन निकाल डिस्ट्रीब्यूटर एवं डीलर नियुक्ति के लिए आवेदन मांगे गए हैं। साथ ही रजिस्ट्रेशन कराने के बाद संबंधित लोगों से पांच हजार रुपये की डिमांड भी की गई है। पीएमयूवाई के लोगो लगे आवेदन पत्र में यह भी पूछा गया है कि आवेदनकर्ता एचपी, आईओसी की इंडेन, बीपीसी और रिलायंस में से किस कंपनी का वितरक बनना चाह रहा है। जबकि सिर्फ पीएमयूवाई के लिए एजेंसी नामित करने की आईओसी, बीपीसी और एचपीसी कंपनी की कोई स्कीम नहीं है।
एलपीजी फेडरेशन ने की कार्रवाई की मांग
0 ऑल इंडिया एलपीजी फेडरेशन ने उज्ज्वला गैस एजेंसी के नाम पर चल रहे फर्जीवाड़े पर कार्रवाई करने की मांग की है। फेडरेशन के सचिव केपी मिश्र के मुताबिक केंद्र सरकार इस मामले को गंभीरता से ले। उन्होंने बताया कि फेडरेशन की ओर से इसका शिकायती पत्र भी केंद्र सरकार के पेट्रोलियम मंत्रालय को भेजा जा रहा है।