UGC seeks reply on complaints of rigging of admission
प्रयागराज। इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) के शारीरिक शिक्षा विभाग में पीएचडी प्रवेश में धांधली की शिकायत पर विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने विश्वविद्यालय प्रशासन से जवाब मांगा है। इस मामले में यूजीसी ने चौथी बार पत्र भेजकर जवाब-तलब किया है।
मामला इविवि के शारीरिक शिक्षा विभाग में सत्र 2019-20 में पीएचडी की चार सीटों पर प्रवेश से जुड़ा हुआ है। प्रवेश के लिए आवेदन करने वाले अभ्यर्थी मोहम्मद साबिर ने यूजीसी को पत्र भेजकर आरोप लगाया है कि संयुक्त शोध प्रवेश परीक्षा का परिणाम जारी होने के बाद सफल अभ्यर्थियों को लेवल-2 के तहत इंटरव्यू के लिए बुलाया गया था। तत्कालीन विभागाध्यक्ष प्रो. डीसी लाल ने एक अभ्यर्थी को तुरंत प्रवेश दे दिया और बाकी अभ्यर्थियों को कोई जानकारी ही नहीं दी गई। इसकी शिकायत कई बार तत्कालीन कुलपति प्रो. आरआर तिवारी से की गई, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
इसके बाद कई बार यूजीसी और शिक्षा मंत्रालय को भी पत्र भेजकर शिकायत दर्ज कराई गई। यूजीसी ने जवाब मांगा तो डीन आर्ट्स की अध्यक्षता में कमेटी बना दी गई। कमेटी भी कोई निर्णय नहीं ले सकी। जांच के दौरान पीएचडी प्रवेश से संबंधित फाइल भी गायब हो गई। इस बारे में इविवि की पीरआरओ डॉ. जया कपूर का कहना है कि शारीरिक शिक्षा विभाग में पीएचडी प्रवेश के मामले में यूजीसी को जवाब भेजा जा रहा है। जांच की प्रक्रिया पूरी की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद इस बारे में कुछ कहा जा सकता है।